जिले के 73 गेहूं क्रय केंद्रों पर हो रही गेहूं खरीद के सप्ताह भर बाद भी किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा है। इसे लेकर किसानों की दिक्कत बढ़ी हुई है। गेहूं बेचने के बाद भुगतान न मिलने से आक्रोश भी बढ़ रहा है। किसान क्रय केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। जिले में 15 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद में अब तक 1200 किसान गेहूं की बिक्री कर चुके हैं। लेकिन तमाम किसानों को गेहूं बेचने के सप्ताह भर बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। बताया जाता है कि पहले किसानों को आरटीजीएस के जरिए भुगतान किया जाता था। केंद्र पर आने वाले किसान को क्रय केंद्र के जरिए ही खाते से भुगतान की व्यवस्था थी। इस बार शासन ने पीएफएमएस से भुगतान की व्यवस्था कर दी। जिसके लिए गेहूं खरीद के बाद केंद्र प्रभारी को वाउचर जनरेट करना होता है। फिर उसे पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड करना होता है। जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया होती है। बताया जाता है कि जिले में नेफेड और पीसीयू सरकारी एजेंसी के केंद्रों पर भुगतान में दिक्कत आ रही है। 12 केंद्रों पर कर्मचारी भुगतान की प्रक्रिया करने में असमंजस में हैं। इसे लेकर भुगतान में देरी हो रही है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चौहान ने बैठक की। जिसमें उन्होंने सरकारी एजेंसियों को दिन में भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अगर दो दिन में भुगतान की व्यवस्था नहीं हो पाती है, तो केंद्रों को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही बृहस्पतिवार को एफसीआई ने करीब एक करोड़ 12 लाख रुपये का भुगतान किया। एडीएम ने एफसीआई को भी दो दिन में 12 करोड़ का अवशेष भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी आरएमओ अनूप सिंह ने बताया कि कुछ केंद्रों पर भुगतान में समस्या आ रही है। जिला खरीद अधिकारी ने दो दिन में भुगतान के निर्देश दिए हैं। जल्द ही भुगतान की व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।