संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। लगातार बढ़ रही सर्दी ने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। फसलों पर भी सर्दी का प्रकोप दिखने लगा है। स्थिति यह है कि पौधों की जड़ों से लेकर फूल और पत्तियां तक खराब हो रही हैं।
बुंदेलखंड और झांसी जिले का अधिकतम तापमान पिछले एक सप्ताह से औसतन 6 डिग्री सेल्सियस है। सर्द हवाओं से गलन भी बढ़ी है। फसलों पर भी इसका प्रकोप दिखने लगा है। अभी किसानों के खेतों पर गेहूं, चना और सब्जियों की फसलें खड़ी है। इनकी जड़ों तक सर्दी पहुंच रही है। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. योगेश्वर सिंह ने बताया कि सर्दी गेहूं, चना और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रही है। पौधों की जड़ों में गलन की स्थिति बन गई है। पत्तियों का रंग बैंगनी हो रहा है। इससे पौधों का विकास रुक गया है। वैज्ञानिक ने बताया कि फसल की वृद्धि रुक गई है। हालांकि, अभी पाला नहीं दिख रहा है। किसानों को चाहिए कि वह गेहूं में हल्की सिंचाई करें। जिससे खेतों में गर्मी और नमी पैदा हो। संभव हो तो फसलों को ढकने का प्रयास करें।
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सर्दी का प्रकोप दिखाई दे रहा है, लेकिन, अभी पाला पड़ने के हालात नहीं हैं। सर्दी से फसल को बचाने के लिए उसमें किसानों को हल्का पानी देना चाहिए और पौधों पर जिस दिशा से शीतलहर आ रही है। उस ओर से हवा को रोकने का प्रयास करें। उम्मीद है कि आगामी दिनों में मौसम में बदलाव होगा।
- डॉ. अशोक कुमार सिंह, कुलपति, केंद्रीय कृषि विवि, झांसी