प्रदेश सरकार हर घर जल पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू कर रही है, लेकिन गांव रक्सा में पानी लोगों को कर्जदार बना रहा है। पानी की किल्लत का आलम यह है कि लोगों को प्राइवेट टैंकर से दो रुपये में एक डिब्बा पानी मिलता है। साथ ही लोगों को एक किलोमीटर दूर से पानी लेकर आना पड़ता है। इसे लेकर विधायक ने जल संस्थान को पत्र लिखा है। गांव रक्सा में पानी की किल्लत को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 15 हजार आबादी वाले गांव में पानी की दो-दो टंकी बनी हैं, लेकिन घरों तक पानी की बूंद भी नहीं पहुंची। गांव के राजेंद्र राजपूत ने बताया कि गांव में लगभग 130 हैंडपंप हैं, लेकिन इसमें से महज 20-25 ही ठीक हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं हुए। लोगों को एक किलोमीटर दूर पानी के लिये जाना पड़ता है। साथ ही प्राईवेट टैंकर वाले अपने मनमाफिक दामों में लोगों को पानी बेचते हैं। कुछ लोगों ने तो लॉकडाउन में काम न चलने पर कर्जा लेकर पानी खरीदा और अभी भी खरीद रहे हैं। बीते दिनों गांव के लोगों ने विधायक बबीना राजीव सिंह पारीछा से समस्या का निस्तारण कराने की मांग की। विधायक ने जल संस्थान को पत्र लिखकर इस समस्या से जल्द राहत पहुंचाने के लिए जल संस्थान को कहा है। गांव के लोगों का कहना है कि अगर समस्या का हल जल्द नहीं निकला तो गांव के लोग आंदोलन करेंगे।