माताटीला बांध से अक्तूबर से फरवरी के बीच सिंचाई के लिए छोड़े गए पानी से जलस्तर 23 फीट गिर गया है। इससे बांध में सिर्फ पीने के लिए पानी बचा है। अगर सिंचाई विभाग अब तालाब और पोखर भरने के लिए टर्बाइन चलाता है तो पीने के पानी लिए कच्चा पानी पंपिंग कर जलनिगम को निकालना होगा। माताटीला बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने जाने के बाद जलस्तर 1012 फीट से घटकर 989.3 फीट पर पहुंच गया। जलस्तर यहां लगे 23 फीट के गेटों के नीचे पहुंच गया है। बांध में अब सिर्फ पीने के लिए पानी उपलब्ध है, जिससे एक साल तक काम चलाया जा सकता है। माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना और अन्य 16 बड़े कनेक्शनों को जलापूर्ति होती है। चूंकि, बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर (110 एमएलडी) और 4.5 करोड़ लीटर (45 एमएलडी) क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक ) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। माताटीला बांध के अवर अभियंता जीके मौर्य ने बताया कि बांध के पानी का उपयोग अब सिर्फ पीने के लिए होगा। बांध में एक साल तक पीने की पानी की व्यवस्था है।