झांसी। पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक एवं बाजार से जोड़कर कारीगरों और कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 संचालित की जा रही है। इसमें 25 ट्रेडों से जुड़े कारीगरों को लाभान्वित किया जाएगा। पात्र लाभार्थियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र के साथ अधिकतम 15 हजार तक की टूलकिट मिलेगी। बताया गया है कि प्रशिक्षण अवधि में प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को मानदेय, डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी ने बताया कि इसमें बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची एवं धोबी, मूर्तिकार, मालाकार, धोबघाट/धोबाना, भरतभूजा एवं मछुआरा समेत 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से कारीगरों को आगे बढ़ाकर स्थाई स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाएगा। संवाद