वायरल बुखार का कहर बड़ों के साथ ही बच्चों पर टूट पड़ा है। सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। इस समय कोई घर ही ऐसा होगा जहां बुखार के मरीज न हों। कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण वायरल बुखार काफी हमलावर हो गया है। जिसकी चपेट में आने से बच्चों की संख्या अधिक है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बीस से तीस बच्चे बुखार से ग्रसित आ रहे हैं। जिसमें से लगभग पांच से दस बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। हालांकि तीन से चार दिन में बुखार का प्रकोप कम हो जा रहा। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. अरविंद सोनी ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं।
जिससे बच्चों की संख्या अधिक है। हालांकि इलाज के दौरान तीन से चार दिन के भीतर ही बुखार के मरीज ठीक हो जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल का प्रकोप ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में तो इस समय बुखार के ही मरीज आ रहे हैं।