फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: भूसा ठेकेदार से तीन लाख की रिश्वत लेते सीवीओ का वीडियो वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
- भूसा सप्लाई का ठेका सात करोड़ में कराने की एवज में ली रिश्वत - सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप, डीएम ने दिए जांच के आदेश
विज्ञापन


फोटो - 07



संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। गोआश्रय केंद्रों पर भूसे की सप्लाई का ठेका पांच के बजाए सात करोड़ रुपये करने की एवज में प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार पांडेय का एक वीडियो रविवार को वायरल हो गया। इस वीडियो के वायरल होते ही पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। जिलाधिकारी ने पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, अपर पशु चिकित्साधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। इस मामले की पूरी रिपोर्ट निदेशालय भी भेजी जाएगी।



जो वीडियो वायरल हुआ वह 37 सेकेंड का है। इसमें कमरे में प्रभारी सीवीओ की मेज पर पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की पांच से छह गड्डियां रखी हैं। इसमें उनके कमरे में मौजूद व्यक्ति यह कहता सुनाई दे रहा कि, हम तो सर काम की कोशिश करते हैं। हमारा तो काम हो जाए, वैसे शिकायत थोड़े करते हैं। इसके बाद कुर्सी पर बैठे प्रभारी सीवीओ कहते हैं कि कितना है। शख्स कहता है कि तीन है, पांच हो चुके हैं। तभी वीडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज आती है जोकि पेमेंट हो जाने की बात कहता है। कुछ देर बाद प्रभारी सीवीओ मेज पर रखे पांच-पांच सौ रुपयों के नोटों की गड्डी को उठाते हैं और बाहर निकल जाते हैं। इसी 37 सेकेंड के वीडियो को भूसा ठेका के एवज में रुपये देने संबंधी बताया जा रहा है हालांकि अभी तक इस वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। इसकी भी कोई पुष्टि करने को राजी नहीं कि यह वीडियो कहां का है और कब बनाया गया।
विज्ञापन





अवकाश पर गए प्रभारी सीवीओ



रिश्वत लेने संबंधी वीडियो जैसे ही वायरल हुआ इसकी भनक प्रभारी सीवीओ को लग गई। उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। मोबाइल बंद करने के बाद वह दफ्तर से भी चले गए। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि सीवीओ निजी कारणों से छुट्टी पर चले गए हैं। वह जनपद में भी नहीं हैं।


-

पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। वीडियो की सत्यता की जांच करने के बाद इसमें संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर वीडियो फेक पाया जाता है तो सनसनी फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन




- आलोक सिंह, जिलाधिकारी

0000



यह मामला संज्ञान में आया है। प्रभारी सीवीओ से स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उनका स्पष्टीकरण मिलने के बाद पूरी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी जाएगी।

देवेंद्र गुप्ता



अपर निदेशक, पशुपालन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें