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Jhansi News: टोल प्लाजा की वीआईपी लेन को बना लिया था वसूली लेन, हर माह वसूलते चार लाख रुपये

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी/दतिया। झांसी-ग्वालियर हाईवे स्थित दतिया टोल प्लाजा पर बुधवार रात अंधाधुंध फायरिंग करने वाले बदमाशों ने इसकी वीआईपी लेन को ही कमाई का ठिकाना बना रखा था। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वीआईपी लेन से मुफ्त में वह गाड़ियां पास कराते थे। इसके एवज में वाहनों से पैसों की वसूली होती थी। हर माह करीब साढ़े तीन-चार लाख रुपये तक वसूले जाते थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट के सामने पेश करने के बाद उनको जेल भेज दिया। वहीं, सात बदमाश अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में झांसी समेत आसपास के इलाकों में पुलिस दबिश दे रही है।
शुक्रवार को एसपी वीरेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि 2 अप्रैल की रात करीब 10 बजे बदमाश डगरई टोल प्लाजा पहुंचे थे। यहां टोल कर्मचारियों को धमकाने लगे। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने गोलियां चलाईं। इससे मची भगदड़ में दो कर्मचारियों की कुएं में डूब जाने से मौत हो गई। इन बदमाशों की तलाश में बनाई पुलिस टीम ने आरोपियों की शिनाख्त करने के बाद पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें अभिषेक (18) पुत्र संजू शर्मा निवासी राजघाट, कृष्णा (21) उर्फ प्रखर पिता बलवंत सिंह निवासी दीदार कॉलोनी डबरा, अतुल अहिरवार (18) निवासी हनुमान मंदिर के पास सिद्धार्थ कॉलोनी दतिया, पवन यादव (24) पुत्र अशोक यादव सिद्धार्थ नगर समेत एक नाबालिग है। सभी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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बदमाशों ने पूछताछ के दौरान कई अहम राज उगले। बदमाशों ने पूछताछ में कुबूल किया कि टोल प्लाजा की वीआईपी लेन से फ्री में वाहन निकलवाते थे। इसके एवज में वाहनों से वसूली होती थी। खनन के लिए आने-जाने वाली गाड़ियों से मोटी रकम उगाही जाती थी। हर माह तीन से चार लाख रुपये तक की वसूली होती थी। टोल प्लाजा पर पुरानी कंपनी का ठेका खत्म हो गया। कुछ ही दिन पहले नई कंपनी ने काम संभाला था। नई कंपनी के कर्मचारियों पर रौब गांठने के लिए बदमाश यहां पहुंचे थे।




इनसेट
इन सवालों का जवाब नहीं दे पाई पुलिस
पुलिस ने पांच बदमाशों की गिरफ्तारी दिखाई लेकिन, सवालों का जवाब देने से पुलिस अफसर बचते रहे। पुलिस अफसरों ने किसी भी सवाल का खुलकर जवाब नहीं दिया। इस वजह से टोल पर अवैध वसूली की गुत्थी अभी पूरी तरह उलझी हुई है।
- पुलिस ने यह तो माना कि वीआईपी लाइन से फ्री में वाहन निकलवाए जाते थे लेकिन, आखिर यह मोटी रकम जमा कहां होती थी। इतनी बड़ी रकम की वसूली का बंटवारा कैसे होता था इसके बारे में पुलिस कुछ नहीं बता सकी।
- पुलिस इस गिरोह के मास्टर माइंड के बारे मेें भी बताने से बचती रही। उसने सिर्फ गिरफ्तार किए गए पांच बदमाशों के नाम ही बताए लेकिन, इस पूरे गिरोह को संचालित करने वाले मास्टर माइंड के बारे में कुछ नहीं बताया।
- पुलिस अफसरों का कहना है कि विवेचना के दौरान टोल प्लाजा एवं आसपास लगे 50 कैमरों को खंगाला गया लेकिन, पुलिस के पास वारदात में शामिल बदमाश की सटीक संख्या और पहचान तक नहीं है। पुलिस उनकी पहचान बताने में भी हिचक रही है। हैरानी की बात यह कि पांच बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस वारदात में शामिल दूसरे बदमाशों की अज्ञात ही बता रही है।
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इनसेट
झांसी समेत आसपास के इलाकों में दी जा रही दबिश
वारदात में शामिल सात बदमाश अभी तक फरार हैं। उनकी तलाश के लिए एसडीओपी प्रियंका मिश्रा की अगुवाई में पुलिस टीम लगाई गई है। दतिया पुलिस की सर्विलांस टीम भी मोबाइल नेटवर्क के जरिए बदमाशों की तलाश में जुटी है। झांसी में रक्सा के कई गांव में दतिया पुलिस ने शुक्रवार को दबिश दी लेकिन, उसके हाथ कोई भी बदमाश नहीं आए। एसपी वीरेंद्र मिश्र का कहना है कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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