झांसी। भाजपा के सदर और बबीना विधानसभा से विधायकों के बीच चल रही तनातनी को थामने के लिए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने दोनों से सर्किट हाउस में बात की। विधायकों ने अपना-अपना पक्ष रखा। बाद में भूपेंद्र चौधरी ने दोनों विधायकों से कहा कि आपसी मतभेद भुला दें। इस तरह के विवाद से पार्टी की भी छवि खराब होती है।
भाजपा कार्यालय में बैठक करने के बाद जब प्रदेश अध्यक्ष सर्किट हाउस पहुंचे तो पहले उन्होंने पार्टी के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। जब ये बैठक खत्म हुई तो उन्होंने सदर विधायक रवि शर्मा और बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा को अलग कमरे में बुलाया। पहले रवि शर्मा ने अपनी बात रखी। सूत्रों के मुताबिक सदर विधायक ने कहा कि उन पर अभद्र टिप्पणी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सितंबर में उन्होंने इस प्रकरण में शिकायत की थी। न तो उन्होंने पुलिस से किसी को पकड़ने के लिए कहा और न ही कार्रवाई करने के लिए। विधायक ने कहा कि एक राजनीतिक व्यक्ति के इशारे पर उनके ऊपर ऐसे लोग आरोप लगा रहे हैं, जो खुद आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। कोई भी सामान्य नागरिक उनके खिलाफ नहीं है। तभी वो लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। करीब 15 मिनट तक अपना पक्ष रखने के बाद रवि कमरे से बाहर आए। वहीं, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने भी अपना पक्ष उनके सामने रखा। बताया गया कि बबीना विधायक ने साफ कहा कि उनका इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। रवि शर्मा उनके बड़े भाई हैं। दोनों का पक्ष सुनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आपसी विवाद ठीक नहीं है। इससे पार्टी की भी छवि खराब होती है। इसलिए दोनों विधायक आपसी विवाद को भूला दें। अब देखने वाली बात ये है कि प्रदेश अध्यक्ष की सुलह की कोशिशों का कितना असर दोनों विधायकों को पड़ा है। दोनों विधायक आपस का विवाद भुला देंगे या फिर तनातनी आने वाले समय में और बढ़ेगी।
ये है मामला
कुछ सप्ताह पहले सदर विधायक को लेकर बबीना विधायक के करीबी अमित पालर द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद सदर विधायक ने अमित पालर की शिकायत शासन में की थी। कहा था कि अवैध खनन किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर ये काला कारोबार चल रहा है। शासन तक पहुंची शिकायत के बाद अमित पालर पर कार्रवाई शुरू हुई। दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उनका शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त करने की प्रक्रिया चल रहा है।