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विधायक एसी में कूल-कूल, कटौती से परेशान झांसी वालों को गए भूल

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झांसी में बिजली को लेकर शहर और ग्रामीण में हाहाकार मचा हुआ है। समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि खामोश हैं। उनकी कमजोर सियासत की आम लोग सजा भोग रहे हैं। लोगों का कहना है कि विधायक जब एसी से निकलकर उनकी समस्या जानने के लिए आएंगे, तभी तो वे उनकी तकलीफ को समझ सकेंगे। बुंदेलखंड के शहरी क्षेत्रों को 24 और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली देने का रोस्टर चल रहा है। भीषण गर्मी में शहरवासियों को बिजली खूब रुला रही है। 24 घंटे में बमुश्किल 16 घंटे बिजली मिल रही है। दिन और रात में अलग- अलग वक्त कटौती की जा रही है। बिजली के जाते ही उमस भरी गर्मी पंखा, कूलर, एसी शो पीस बनकर रह जाते हैं। रात में महानगर के अधिकांश हिस्सों में अंधेरा पसरा रहता है। लोगों को रात काटना मुश्किल हो गया। खासकर वृद्ध और बच्चे बेचैन रहते हैं। पिछले दो हफ्तों से यह स्थिति शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बनी हुई है। लोग बिना बिजली के तड़प रहे हैं और जनप्रतिनिधियों का इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं है। कोरोना महामारी के कारण घरों तक सीमित हो गए जनप्रतिनिधि फोन पर भी बिजली अधिकारियों से संपर्क नहीं कर रहे हैं और न ही बिजली जाने के कारणों को जानने की कोशिश की गई। जनप्रतिनिधियों की इस कमजोर सियासत का आम लोग परिणाम भुगत रहे हैं। यह बात सही है कि बिजली कटौती के कारण शहर के तमाम क्षेत्रोें के लोग परेशान हैं। मेरे क्षेत्र की भी कई बार बिजली गुल हो जाती है। मैंने मंगलवार को बिजली अधिकारियों को घर पर बुलाया था। उनसे बिजली कटौती बंद करने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। उम्मीद है कि जल्द ही अघोषित कटौती की समस्या दूर हो जाएगी। रवि शर्मा, सदर विधायक।   बिजली कटौती से किसान भी बेहद परेशान हो रहे हैं। अवर अभियंताओं को पता ही नहीं रहता है कि फाल्ट के कारण कहा कि बिजली बंद है। फोन भी नहीं उठता है। इस समस्या को लेकर मैंने सोमवार को लखनऊ में ऊर्जा मंत्री से मुलाकात की थी। ऊर्जा मंत्री ने प्रबंध निदेशक को बिजली की खराब स्थिति को तुरंत सुधारने के निर्देश दिए हैं। जवाहर लाल राजपूत, गरौठा विधायक।   वैसे तो बिजली अच्छी मिल रही है। आंधी- बारिश या अन्य कोई फाल्ट आने पर ही बिजली जाती है। गांव व कस्बे के लोगों को निर्धारित बिजली मिल सके, इसके लिए मैं हमेशा अधिकारियों के संपर्क में रहता हूं। अगर कहीं पर व्यवस्था नहीं सुधर रही है तो लोग मुझसे सीधे मोबाइल पर शिकायत कर सकते हैं। समस्या को तुरंत निरस्तारण कराया जाएगा। राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक। मऊरानीपुर क्षेत्र में बिजली की कोई समस्या नहीं है। कस्बे में 20 और गांवों में 18 घंटे बिजली मिल रही है। फाल्ट आने या ट्रांसफार्मर फुंकने पर ही बिजली जाती है। जैसे ही मुझे ट्रांसफार्मर फुंकने का पता लगता है। मैं खुद ही अधिकारियों से बात करके 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलवा देता हूं। बिहारी लाल आर्य, मऊरानीपुर विधायक।
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