महानगर के गुसाईंपुरा मुहल्ले में महज 700 रुपये में किसी भी चैनल की माइक आईडी तैयार हो जाती है। आईडी बनवाने वालों से किसी तरह का प्रमाण नहीं लिया जाता है। तय कीमत अदा करने पर उन्हें दो दिन के भीतर आईडी थमा दी जाती है।
कमोबेश यही स्थिति पुलिस की वर्दी की भी है। इसके लिए 3200 रुपये अदा करने पड़ते हैं। महानगर में तीन टेलर पुलिस की वर्दी सिलने का काम करते हैं और चार दुकानों पर पुलिस की वर्दी से जुड़ा सामान टोपी, बेल्ट, सीटी आदि मिल जाती है। यहां भी कोई प्रमाण नहीं लिया जाता है। कोई भी व्यक्ति बेखटके आसानी से पुलिस की वर्दी हासिल कर सकता है। वहीं, पुलिस के बिल्ले, बैज और स्टीकर की दुकानें सदर बाजार में हैं।
1000 का कपड़ा और 1100 रुपये है पुलिस की वर्दी की सिलाई
झांसी। पुलिस की वर्दी सिलवाने का कपड़ा बाजार में 1000 रुपये में मिल जाता है। इसकी सिलाई 1100 रुपये लगती है। 300 रुपये में चमड़े का बेल्ट मिल रहा है। जबकि, निवाड़ वाला बेल्ट व बिल्ले इससे भी सस्ते हैं। ये महज 120 रुपये में आ जाता है। 120 रुपये में डोरी और सीटी मिल जाती है। 80 रुपये की टोपी बिक रही और 600 रुपये में भूरे रंग के जूते। 3200 रुपये में पुलिस वाला बनने का सारा सामान झांसी में मिल रहा।