चिरगांव के मुराटा गांव में ओरछा के वसोवा गांव निवासी मिथुन अहिरवार की रिश्तेदारी है। बुधवार को वह अपने चचेरे भाई सचिन (17) पुत्र जगदीश एवं उसके दोस्त अरुण (16) पुत्र रमेश के साथ मुराटा गांव आया था। यहां इनको टेंट लगाने का काम मिला था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10 बजे सचिन, अरुण और मुराटा का शिवा गांव के बाहर से निकली बेतवा नदी पर बने घाट पर नहाने पहुंचे। यहां पानी का बहाव तेज रहता है। इस वजह से तीनों लोगों को यहां नहाने से मना किया, लेकिन वे नहीं माने। तीनों काफी देर तक नदी में नहाते रहे। अचानक पानी के तेज बहाव के कारण सचिन और अरुण गहरे पानी में चले गए। यहां गहरे गड्ढे में जाने से दोनों डूब गए।
जब तक कोई कुछ समझ पाता, दोनों आंखों से ओझल हो गए। यह देखकर शिवा ने शोर मचाया। दोनों किशारों के डूबने से वहां अफरातफरी मच गई। गांव के कुछ लोग भी तुरंत नदी में कूद पड़े लेकिन, दोनों का पता नहीं चला। काफी देर तलाशने के बाद उनका शव घाट से करीब दो सौ मीटर दूर बरामद हुआ।
सूचना मिलने पर चिरगांव थाना प्रभारी जेपी पाल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, दोनों किशोरों की मौत की सूचना मिलते ही ओरछा से उनके परिजन रोते-बिलखते पहुंच गए।
27 की शादी में टेंट लगाने आए थे
सचिन और अरुण ओरछा में टेंट लगाने का काम करते थे। सचिन के चचेरे भाई मिथुन की रिश्तेदारी मुराटा गांव निवासी प्रभुदयाल के घर में है। प्रभुदयाल की बड़ी लड़की की शादी है। इस नाते इन लोगों ने यहां टेंट लगाने का काम लिया था। टेंट लगाने तीनों लोग बुधवार को गांव में पहुंचे थे। बृहस्पतिवार को टेंट लगाना था, लेकिन उसके पहले ही हादसा हो गया। लड़की की शादी 27 मई को होनी है।