- छह माह से मोबाइल इस्तेमाल नहीं कर रही थी, छानबीन में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शादी से दो माह पहले युवती ने सोमवार को फंदा लगाकर जान दे दी। बहन को फंदे से लटका देख उसके भाई ने दीवार तोड़कर उसे नीचे उतारा और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। बुधवार दोपहर युवती ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजन उसके आत्मघाती कदम उठाने की वजह नहीं बता सके। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
नवाबाद के पिछोर निवासी सुदर्शन पाल मूल रूप से एरच के शमशेरपुरा गांव के रहने वाले हैं। यहां परिवार के साथ पिछोर में रहते हैं। 12 मई को सुदर्शन अपने गांव चले गए। घर में बेटी रोशनी (19) बेटा अभिषेक, मां रानी एवं पत्नी थीं। रोशनी बुंदेलखंड विवि में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। 13 मई की सुबह मां किसी काम से घर से बाहर चली गई। रोशनी ऊपर अपने कमरे में थी। उसका भाई अभिषेक जब उसके कमरे में पहुंचा तो रोशनी ने दरवाजा नहीं खोला। खिड़की से देखने पर वह पंखे के कुंडे पर दुपट्टा से फंदा बनाकर लटकी दिखी। यह देख अभिषेक ने शोर मचाया। आसपास के लोग भी आ गए। अभिषेक ने पड़ोसियों की मदद से दीवार तोड़कर रोशनी को फंदे से नीचे उतारा। उसकी सांस चल रही थी। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। बुधवार को युवती ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
इनसेट
एक साल पहले ही तय हो गया था विवाह
परिजनों के मुताबिक एक साल पहले ही रोशनी की शादी उरई के अमिषा गांव में तय हो गई थी। फलदान की रस्म भी हो चुकी थी। अब 11 जुलाई को शादी थी। रोशनी परिवार की इकलौती पुत्री थी। इसी साल बीए सेकेंड ईयर की परीक्षा दी थी। परिजन उसके सुसाइड करने की वजह नहीं बता सके। पिता का कहना है कि रोशनी का किसी से विवाद नहीं हुआ। पिछले करीब छह माह से मोबाइल फोन भी नहीं था। ऐसे में उसने यह घातक कदम क्यूं उठाया, इस बारे में वह भी कुछ समझ नहीं पा रहे हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।