अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अपने दोस्त के भाई की बरात में जा रहे दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत हो गई। दोनों कार से जा रहे थे। दिनारा के पास तेज रफ्तार किसी वाहन ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी। इससे उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में चार युवक घायल हो गए जबकि दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
मोंठ के तहसीलपुरा निवासी संतोष झा के पुत्र सिद्धार्थ की बरात शनिवार को मध्यप्रदेश के खनियाधाना गई थी। इसमें सिद्धार्थ के छोटे भाई जितेंद्र के दोस्त नरेंद्र रायकवार (27) पुत्र प्रदीप, जितेंद्र अहिरवार (24) पुत्र रविंद्र अपने चार अन्य दोस्तों के साथ कार से जा रहे थे। कार नरेंद्र उर्फ गोलू चला रहा था। सभी ने सबसे पहले दतिया पहुंचकर मां पीतांबरा का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद खनियाधाना की ओर रवाना हुए। शनिवार रात करीब 9 बजे जैसे ही यह लोग दिनारा से आगे निकले, उसी दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर लगने से उनकी कार कई बार पलटते हुए पास के खेत में जा गिरी। हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग भी जमा हो गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। आसपास के लोगों की मदद से किसी तरह घायलों को कार के अंदर से निकाला गया। कार में सवार सभी छह युवक गंभीर रूप से घायल थे। सभी को आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां डॉक्टरों ने नरेंद्र एवं जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया जबकि दीपक, शेखू, प्रणव और अनस की हालत नाजुक होने से उनको इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। उधर, हादसे की खबर मिलते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
इनसेट
दो माह पहले हो चुकी नरेंद्र के भाई की मौत
नरेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दो माह पहले ही उसके छोटे भाई धर्मेंद्र की मौत हो चुकी। धर्मेंद्र की मौत से परिवार के लोग अभी तक सदमे में हैं। दो माह बाद ही नरेंद्र की मौत ने उनको गहरा सदमा दे दिया। नरेंद्र की मौत की खबर सुनते ही उसकी पत्नी बेहोश हो गई। परिवार में पत्नी समेत तीन साल का बेटा है। दो माह में दो बेटों की मौत से मां-बाप बदहवास हैं। वहीं, जितेंद्र मां-बाप का इकलौता बेटा था। शादियों में सजावट का काम करता था। पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों युवकों के शव शाम को गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही दोनों घरों में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी जुट गए। एक साथ दो युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। नरेंद्र और जितेंद्र दोनों गहरे दोस्त होने के साथ ही पड़ोसी भी थे।