बांध में डूबने की सूचना पर मां समेत परिजन रोते-बिखलते वहां पहुंच गए। एसपी सिटी राधेश्याम राय, सीओ अवनीश गौतम समेत अन्य पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए। सुबह लखनऊ से एसडीआरएफ टीम को यहां बुलाया गया। टीम ने तलाश के बाद रोहित का शव बांध के अंदर से बरामद कर लिया जबकि विजय का अभी पता नहीं चल सका है।
झांसी के खपरार बांध में घूमने गए दो सगे भाई डूब गए। पुलिस के कई घंटे तलाश करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। इसके बाद लखनऊ से एसडीआरएफ टीम बुलाई गई। टीम ने एक का शव गुरुवार को डैम से बरामद कर लिया जबकि दूसरे का अभी पता नहीं चल सका।
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थाना रक्सा के सिजवाहा गांव निवासी भारती अपने चार बच्चों के साथ रहती है। बुधवार को वह अपने दो बेटों विजय (11) एवं रोहित (9) के साथ अपने रिश्तेदार बाबूलाल से मिलने हेब्दा गांव आई थी। दोपहर करीब तीन बजे बाबूलाल खेत चला गया। उसके साथ विजय एवं रोहित भी खेत पहुंच गए। खेत से थोड़ी दूर में खपरार बांध है। बांध को देखने के लिए विजय और रोहित वहां पहुंच गए। वहां मछुआरों ने अंदर जाने के लिए कई ट्यूब रखी थी। दोनों उसी में बैठकर बांध के अंदर पहुंच गए।
उधर, जब दोनों काफी देर तक दिखाई नहीं पड़े, तब उनकी बाबूलाल ने तलाश शुरू की। कई घंटे तलाशने पर उनके बारे में मालूम नहीं चला तब पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के तलाश करने पर दोनों की चप्पलें बांध के बाहर पड़ी मिलीं। पुलिस ने बांध में तलाश शुरू कराई लेकिन देर- रात तक दोनों का कुछ पता नहीं चला।
बांध में डूबने की सूचना पर मां समेत परिजन रोते-बिखलते वहां पहुंच गए। एसपी सिटी राधेश्याम राय, सीओ अवनीश गौतम समेत अन्य पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंच गए। सुबह लखनऊ से एसडीआरएफ टीम को यहां बुलाया गया। टीम ने तलाश के बाद रोहित का शव बांध के अंदर से बरामद कर लिया जबकि विजय का अभी पता नहीं चल सका है। रक्सा थानाध्यक्ष अरूण तिवारी का कहना है कि तलाश अभी जारी है।
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बता दें कि आठ साल पहले पिता ने आत्महत्या कर ली थी। दोनों बच्चों के पिता मोहन केवट ने करीब आठ साल पहले घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से उसकी मां ने दिवियापुर निवासी प्रेम कुमार गुप्ता से विवाह कर लिया था।