झांसी। सोलह साल पहले चलती कार में हुए सनसनीखेज दुष्कर्म की घटना के दो आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड ने तीन साल के लिए राजकीय संप्रेक्षण गृह भेजे जाने के निर्देश दिए। घटना के वक्त दोनों आरोपी नाबालिग बताए गए थे, लेकिन अब दोनों बालिग हो चुके हैं।
पांच नवंबर 2011 को एक युवती अपनी सहेली के घर जा रही थी। रास्ते में उसे सहेली का भाई मिला था। उसने युवती को घर छोड़ने के लिए कार में बैठा लिया था। कार में पहले से सहेली के भाई का दोस्त बैठा हुआ था। रास्ते में उसमें एक युवक और सवार हो गया। कार को ओरछा के पास जंगल में ले जाया गया था। यहां युवती के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इसकी वीडियो क्लिप भी बना ली गई थी, जो 27 जुलाई 2007 को एक टीवी चैनल पर वायरल हो गई थी। इसके बाद घटना का खुलासा हुआ था। घटना में शामिल दो आरोपी तब नाबालिग बताए गए थे। इस पर दोनों का मामला किशोर न्याय बोर्ड ले जाया गया था। किशोर न्याय बोर्ड ने आरोप सिद्ध होने पर दोनों को ललितपुर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) भेजे जाने के निर्देश जारी किए।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने का भी दर्ज है मुकदमा
झांसी। दुष्कर्म कांड के एक आरोपी और उसके पिता के खिलाफ पिछले साल नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता चमनगंज निवासी आशीर्र्र्वाद शिक्षा सेवा प्रसार समिति की प्रबंधक आशा राजपूत ने पुलिस को बताया था कि आजाद गंज अत्रि कंपाउंड निवासी धर्मेंद्र राजपूत ने अपने बेटे कपिल के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर घटना के वक्त उसे नाबालिग दर्शाया था। महिला ने इसके सुबूत भी पुलिस को सौंपे थे। इस मुकदमे की पड़ताल जारी है।