झांसी। सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल एक्सप्रेस में एक यात्री ने रेलवे से टीटीई की शिकायत करते हुए उस पर वसूली का आरोप लगाया। लेकिन, जब आरपीएफ ने ट्रेन में जाकर मामला पता किया तो जानकारी हुई कि जिस टिकट पर यात्री दावा कर रहा है वह खुद उसने ही रद्द की है। इसके बाद यात्री को जुर्माना भी अदा करना पड़ा।
शुक्रवार को सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक स्पेशल एक्सप्रेस के एम-7 कोच की 15 नंबर बर्थ पर एक युवक अपने साथी के साथ कानपुर से लोकमान्य तिलक के बीच यात्रा कर रहा था। जब ट्रेन बांदा पहुंच रही थी तो इसी बीच टीटीई वहां पहुंच गया और यात्री से बिना टिकट हाेने की बात कहकर जुर्माना अदा करने को कहा। लेकिन, यात्री ने उल्टा टीटीई पर वसूली का आरोप लगाते हुए रेलवे और आरपीएफ से शिकायत कर दी। मामले की जांच में टीटीई के पास मौजूद हैंड हेल्ड मशीन ने यात्री की चोरी खोल दी। वहीं, जब आरपीएफ ने सख्ती दिखाई तो यात्री ने बताया कि उसने आरएसी होने पर पहले ही टिकट रिफंड के लिए टीडीआर दाखिल कर दिया था और रद्द टिकट पर यात्रा कर रहा था। इसके बाद यात्री को जुर्माना भरना पड़ा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यात्री ने टीडीआर फाइल कर दिया था। डिजिटल मशीन में उसका डाटा मौजूद था। ऐसे में वह बिना टिकट माना गया और नियमानुसार जुर्माना अदा करना पड़ा। संवाद