झांसी में अलग-अलग स्थानों पर ट्रक ड्राइवर समेत तीन लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजनों के हवाले कर दिए गए।
चिरगांव निवासी सुरेंद्र पेशे से ट्रक ड्राइवर था। वो आए दिन शराब पीकर घर में उत्पात मचाता था। रविवार की रात तकरीबन नौ बजे वो नशे में धुत होकर घर पहुंचा था। परिजनों से झगड़ा करने के बाद वह कमरे में चला गया था। कमरा उसने अंदर से बंद कर लिया था। काफी देर तक कोई आहट न मिलने पर बच्चों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर पंखे के सहारे सुरेंद्र का शव फंदे पर झूलता मिला। पिता प्रेमनारायण ने बताया कि वह दो बार पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। लेकिन, बचा लिया गया था।
वहीं, पुलिया नंबर नौ निवासी दीपक परिहार (34) की सात साल पहले शादी हुई थी। पत्नी अभिलाषा अपने मायके निवाड़ी गई हुई थी। कुछ दिन पहले वो उसे लेने गया था, परंतु वह आई नहीं। रविवार को उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, बालाजी रोड स्थित ग्राम पोहरा निवासी हेमंत (26) ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता राम सिंह ने बताया कि उनके पुत्र की दो साल पहले शादी हुई थी। उसकी दिमागी स्थिति ठीक नहीं थी।