झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसमें कॉरिडोर में लगने वाली रक्षा उत्पाद बनाने की इकाइयों की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार किया जाएगा। यहां चार हेक्टेअर जमीन में ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना होगी। इसके लिए मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है।
उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं लखनऊ में विकसित किया जा रहा है। झांसी में इसके लिए गरौठा तहसील में 1034 हेक्टेअर जमीन ली जा चुकी है। इसमें से 183 हेक्टेअर जमीन रक्षा मंत्रालय की इकाई भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) को आवंटित की जा चुकी है। बीडीएल यहां 400 करोड़ का निवेश कर मिसाइल बनाने की यूनिट स्थापित करने जा रही है। इसके अलावा अन्य कंपनियों की भी यहां यूनिट लगाने की तैयारी है। यह सभी कंपनियां यहां हथियार व सेना के अन्य उपकरणों का निर्माण करेंगी। कंपनियों को कुशल कर्मचारी मिलने में परेशानी न हो तथा स्थानीय युवा कंपनियों में आसानी से रोजगार हासिल कर सकें, इसके लिए यहां केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने जा रहा है। इसकी स्थापना चार हेक्टेअर जमीन पर की जाएगी। मंत्रालय की ओर से जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को रक्षा उत्पादन इकाइयों की मांग के अनुरूप तैयार किया जाएगा। एक्सपर्ट उन्हें प्रशिक्षण देंगे। इंटरमीडिएट के बाद युवा यहां प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे। खासतौर पर उन्हें प्रायोगिक ज्ञान दिया जाएगा। ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षणार्थियों के रहने का भी बंदोबस्त होगा। आगामी दो साल में ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा।
पावर हाउस का काम अंतिम दौर में
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित होने वाली इकाइयों को पर्याप्त बिजली मिल सके, इसके लिए यहां 132 केवीए का पावर हाउस बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण अंतिम दौर में पहुंच गया है। दिसंबर में यह बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद मांग के अनुरूप अलग-अलग सब स्टेशन बनाए जाएंगे।
ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित होने वाली इकाइयों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा आसानी से रक्षा उत्पाद बनाने वाली कंपनियों में नौकरी हासिल कर सकेंगे।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग