झांसी। इसरो की मदद से रेलवे ट्रेनों की लाइव लोकेशन देगा। इसके लिए इंजनों में रियल टाइम इन्फॉर्मेशन डिवाइस लगाई जाएगी। इस दिशा में तेजी से काम जारी है। इस प्रोजेक्ट को इसी साल पूरा करने की तैयारी है।
वर्तमान में रेलवे ऑनलाइन ट्रेनों की जानकारी उपलब्ध कराता है। लेकिन, सर्वर में खराबी आने या अन्य किसी तकनीकी खामी की वजह से अक्सर यात्रियों को सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है। रेलवे की अधिकारिक वेबसाइट नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम पर भी विलंबित मार्ग, मार्ग परिवर्तन, निरस्त व स्पेशल ट्रेन की सही सूचना नहीं मिल पाती है। ठंड में कोहरा छाने पर यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। लेकिन, आने वाले दिनों में रेलवे प्रत्येक 15 सेकंड में ट्रेनों की लाइव लोकेशन उपलब्ध कराएगा। ट्रेनों में इसरो की मदद से रियल टाइम इन्फॉर्मेशन डिवाइस लगाई जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे के सभी इंजनों में इस साल यह डिवाइस लगा दी जाएगी। इस डिवाइस के जरिये सवारी गाड़ियों के साथ-साथ मालगाड़ियों की भी लाइव लोकेशन भी देखी जा सकेगी।
रेलवे की सुरक्षा प्रणाली भी होगी बेहतर
झांसी। तकनीकी खराबी और गड़बड़ी होने पर अक्सर ट्रेन हादसे का शिकार हो जाती हैं। लेकिन, इसरो की सेटेलाइट जुड़ने के बाद ट्रेन की सेटेलाइट इमेज रेलवे को मिलती रहेगी, जिससे यह पता चलता रहेगा कि आगे जा रही ट्रेन से उसके पीछे आ रही ट्रेन की दूरी कितनी है। निर्धारित दूरी को देखकर ही दूसरी ट्रेन की गति को बढ़ाया जाएगा।
रेलवे लगातार अपने परिचालन तंत्र को बेहतर बना रहा है। इसी के तहत ट्रेनों में रियल टाइम इन्फॉर्मेशन डिवाइस लगाई जाएंगी। इससे हर 15 सेकंड में ट्रेनों की लाइव लोकेशन मिलेगी। साथ ही सुरक्षा प्रणाली भी और बेहतर होगी।
- मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी