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Jhansi News: अच्छी नींद के लिए खाई गोली... बढ़ रहा तनाव, लड़खड़ाने लगी बोली

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टैग: विश्व नींद दिवस
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में हर दस में से सात लोग नींद न आने से परेशान हैं। हाल ये है कि रात में अच्छी की नींद आए इसलिए कई लोग एक-एक दिन में 25-25 गोली खा जाते हैं। जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में 50 फीसदी मरीज नींद की समस्या लेकर इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। डॉक्टराें का कहना है कि तनाव के चलते नींद न आने की समस्या हो रही है। इनमें कई मरीज ऐसे हैं जिनकी ज्यादा नींद की गोली खाने से आवाज तक लड़खड़ाने लगी है।
नींद की समस्या आम तौर पर चार तरह की होती हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने बताया कि इसमें रात में नींद न आना, नींद का उचट जाना, जल्दी नींद खुल जाना, दिनभर नींद के झोंके आना शामिल है। नींद शरीर, मस्तिष्क और बुद्धि के लिए जरूरी है। रोजाना सोने का औसत समय छह से आठ घंटे है। तनाव, डिप्रेशन, घबराहट, साइकोसिस, नशा करने से नींद में अड़चन पैदा होती है। नींद न आने पर कई लोग बिना चिकित्सीय परामर्श के नींद की दवाएं खाना शुरू कर देते हैं। फिर उन्हें दवा की आदत पड़ जाती है। बिना दवा खाए नींद ही नहीं आती है। कहा कि हर दस में सात लोगों को नींद की समस्या है।
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जिला अस्पताल की मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 60 से 70 मरीज मानसिक रोगों की समस्या लेकर आते हैं। इसमें 30 से 40 रोगी नींद की समस्या वाले होते हैं। इनमें कई-कई लोग तो नींद के लिए रोजाना 25-25 दवाएं तक खाते हैं। कम या ज्यादा नींद आना डिप्रेशन की निशानी है। अगर सप्ताह में दो या तीन बार नींद गड़बड़ हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बिना चिकित्सीय परामर्श के दवाएं न खाएं। लंबे समय तक नींद की दवाएं खाने से लिवर डैमेज, किडनी पर दुष्प्रभाव, आवाज लड़खड़ाना, एकाग्रता में कमी, बातों को समझ न पाना आदि समस्या हो जाती है।

केस-1
दवा के बिना नहीं आती नींद, 15 सालों से खा रहे
शहर का एक व्यक्ति पिछले 15 साल से नींद की दवाएं खा रहा है। अब स्थिति ये है कि रोजाना 25 से 30 दवाएं खानी पड़ती है। इन दवाओं के लगातार सेवन से लिवर पर भी असर हो गया है। बोलने में आवाज भी लड़खड़ाने लगी है।
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केस-2
काम करते वक्त आती है झपकी
55 वर्षीय महिला को नींद की समस्या है। उसे दिन में कई बार नींद के झोंके आते हैं। दोपहर में घर का काम करते समय अक्सर महिला गिर भी पड़ती है। कई बार महिला को चोट भी लग चुकी है। मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा है।
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केस-3
16 घंटे से ज्यादा सोता युवक, डिप्रेशन की चपेट में
झांसी का एक युवक 16 घंटे से ज्यादा सोता है। जब ठंड में सूरज नहीं निकलता है तो नींद 18-18 घंटे बाद खुलती है। डॉक्टर का कहना है कि वो डिप्रेशन की चपेट में आ चुका है। अभी उसका इलाज चल रहा है।
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