अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शहर कोतवाली इलाके के एक व्यक्ति ने पुराने नोटघाट के पुल से बेतवा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने दोस्त को फोन कर कहा कि अब वह कभी वापस लौटकर नहीं आएगा। जब दोस्त ने समझाने की कोशिश की तो उसने फोन काट दिया। फिलहाल आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजन भी इस मामले में कुछ नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
मुहल्ला परवारन निवासी संजय गुप्ता (48) मिनर्वा चौराहे के पास स्थित दवा की दुकान पर काम करते थे। सोमवार की शाम तकरीबन साढ़े पांच बजे वह दुकान से वापस लौटे। इसके बाद वे अपने एक दोस्त का स्कूटर लेकर चले गए। जाने के तकरीबन आधा घंटे बाद उन्होंने अपने दोस्त को फोन किया और बताया कि तुम्हारा स्कूटर नोटघाट के पुराने पुल के पास खड़ा है। वहां से ले जाना। जब दोस्त ने पूछा कि वह कब आएगा तो उसने कहा कि अब वह कभी वापस नहीं आएगा। इतना कहने के बाद उन्होंने फोन काट दिया। इसके बाद दोस्त ने उन्हें कई फोन लगाए, लेकिन बात नहीं हो पाई। दोस्त ने सूचना परिजनों को दी। इस पर परिजन पुराने नोटघाट के पुल पर पहुंच गए। वहां स्कूटर खड़ा मिल गया, जिसमें संजय गुप्ता का मोबाइल और लगभग दो हजार रुपये नकद रखे हुए थे। चाबी स्कूटर के नीचे रखी हुई थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उनकी तलाश की, परंतु संजय के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हो पाई। मंगलवार की सुबह तकरीबन ग्यारह बजे उनका शव नोटघाट के पुल के नीचे बेतवा नदी के किनारे पड़ा मिला। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। भतीजे भारत ने बताया कि संजय गुप्ता चार भाइयों में सबसे छोटे थे और उनकी शादी नहीं हुई थी। वह अपने भाई दिलीप गुप्ता के साथ रहते थे। वह ज्यादा लोगों से मतलब नहीं रखते थे। घर से जाने से पहले उनका व्यवहार एकदम सामान्य था। उन्हें देखकर कोई भी सोच नहीं सकता था कि वह इतना बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। दुकान का भी वह पूरा काम करने के बाद घर वापस लौटे थे। वे सोमवार को तगादा करके भी लाए थे, जिसका हिसाब वह दुकान मालिक को देकर आए थे। उनके पास से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। आत्महत्या करने का कारण किसी को समझ नहीं आ रहा है।
0000000
रामलीला में करते थे रावण का अभिनय
भतीजे भारत ने बताया कि चाचा संजय गुप्ता अच्छी कद-काठी के थे और रामलीला में रावण का अभिनय करते थे। चार-पांच साल पहले क्राफ्ट मेला मैदान में अभिनय के दौरान हुए हादसे में उन्हें करंट लग गया था, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए थे। उन्हें ठीक होने में काफी समय लगा था। इसके बाद भी उन्होंने रामलीला में अभिनय करना नहीं छोड़ा था।