विभाग ने इस कार्रवाई में राजकीय बालिका हाईस्कूल वीरा की प्रधानाध्यापिका ऊषा पठवार, राजकीय हाईस्कूल खडौरा की प्रधानाध्यापिका प्रीति सागर व राजकीय हाईस्कूल बम्हौरी सुहागी की प्रधानाध्यापिका पूनम को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जबकि, पांचों फर्जी शिक्षकों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
जिले के तीन राजकीय हाईस्कूलों में पांच फर्जी शिक्षकों को पिछले महीने नियुक्ति दे दी गई थी। ये फर्जी शिक्षक तकरीबन एक महीने तक विद्यालयों में अध्यापन कार्य भी करते रहे। ज्वाइनिंग के दौरान विद्यालयों की प्रधानाध्यापिकाओं ने विभाग की सहमति नहीं ली थी। इस पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
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जिसमें राजकीय बालिका हाईस्कूल वीरा की प्रधानाध्यापिका ऊषा पठवार, राजकीय हाईस्कूल खडौरा की प्रधानाध्यापिका प्रीति सागर व राजकीय हाईस्कूल बम्हौरी सुहागी की प्रधानाध्यापिका पूनम को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जबकि, पांचों फर्जी शिक्षकों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। वह आजमगढ़ में एक विद्यालय का संचालन करता है। नौकरी के एवज में उसने पांचों से छह से आठ लाख रुपये तक की वसूली की थी।