संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मानसून आने से पहले उटारी, गोविंद सागर और शहजाद बांध की मरम्मत कराई जाएगी। रिसाव रोकने सहित अन्य कार्यों के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 2.50 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है।
ललितपुर को बांधों का जिला कहा जाता है। यहां चौदह बांध परियोजनाएं हैं। इनसे निकली नहरों से किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। पेयजल के लिए भी ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। गोविंद सागर, उटारी और शहजाद बांध पुराने बांधों में शुमार हैं। इनका रखरखाव और सुधार कार्य सिंचाई विभाग कराता है। मानसून सीजन से पूर्व सिंचाई विभाग ने उटारी, गोविंद सागर और शहजाद बांध की मरम्मत व अन्य सुधार की कार्ययोजना तैयार की है। उटारी बांध के लिए 50 लाख और गोविंद सागर व शहजाद बांध पर एक-एक करोड़ रुपये से कार्य कराए जाएंगे। इससे बांधों की सीपेज रिपेयरिंग, पैराविट मरम्मतीकरण, रेन कट, पिचिंग सहित अन्य कार्य होंगे। अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्यमंडल झांसी इं. शीलचंद्र उपाध्याय ने बताया कि बांध सुरक्षा के तहत कार्ययोजना तैयार कर धनराशि की मांग की गई है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।