झांसी। रेल और यात्री सुरक्षा के लिए रेलवे ने अभी तक प्लेटफॉर्म, ट्रेन और इंजन में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। लेकिन, अब मंडल के प्रमुख रेलमार्ग झांसी-दिल्ली सेक्शन में भी पटरी के किनारे सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों का उद्देश्य ट्रेनों में चढ़कर चोरी करने वाले अपराधियों को पकड़ना है। अभी यह कैमरे पायलट प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए हैं।
रेल मंडल के सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग ने सोनागिर और डबरा के बीच कैमरे लगाना शुरू कर दिया है। इन कैमरों को मंडल के कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है, जिससे यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की निगरानी की जाएगी। रेल प्रशासन की मानें तो कई बार चोर ट्रेन धीमी होने पर उसमें सवार हो जाते हैं या अपराध को अंजाम देकर आउटर पर उतर कर भाग जाते हैं। ऐसे में चोरों को पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है और उनकी पहचान भी नहीं हो पाती है, लेकिन इसका तोड़ भी रेलवे ने निकाल लिया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एस एंड टी विभाग ने दतिया से सोनागिर के बीच सिग्नल पोल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। सोलर पावर से चलने वाले यह कैमरे मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़े गए हैं, जिससे इस खंड में चलने वाली सभी ट्रेनों की बाहर से निगरानी की जा सकेगी।
वर्जन -
दतिया-सोनागिर के बीच रेल ट्रैक के किनारे सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। प्रायोगिक तौर लगाए गए कैमरों की सफलता के बाद अन्य सेक्शन में भी कैमरों की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी