अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शुक्रवार की दोपहर धमाके की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन महसूस हुआ। दहशत में लोग घरों व दुकानों से बाहर निकल आए। महानगर के अलावा 50-60 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी धमाके की आवाज सुनाई दी। हालांकि, धमाके का स्रोत पता नहीं चला पाया। इसके अलावा धमाके की वजह से किसी तरह के नुकसान की भी सूचना नहीं आई।
शुक्रवार की दोपहर 3.25 बजे अचानक तेज धमाके की आवाज आई, जिसकी गूंज पांच-छह सेकंड तक सुनाई देती रही। इसके साथ ही धरती के कांपने का भी अहसास हुआ। कई घरों के खिड़की-दरवाजे तक हिल गए। दहशत में लोग घरों व दुकानों से बाहर आ गए। धमाके की आवाज केवल एक बार ही आई। जिस समय धमाका हुआ, उस समय आसमान में हवाई जहाज भी उड़ रहा था। आवाज महानगर के सभी इलाकों के साथ-साथ बरुआसागर, बंगरा, ओरछा आदि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुनने को मिली। लोग एकदूसरे से धमाके का कारण पूछते नजर आए और अपने-अपने ढंग से धमाकों को लेकर कयास लगाते रहे। सोशल मीडिया पर भी धमाकों को लेकर पोस्ट वायरल की जाती रहीं। इसे लेकर अफवाह भी खूब उड़ीं। पुलिस भी पड़ताल में जुटी रही, लेकिन देर रात तक धमाके का स्रोत पता नहीं चल पाया।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि धमाके का स्रोत पता नहीं चल पाया है। साथ ही धमाके की वजह से नुकसान की भी कोई सूचना नहीं आई है। पुलिस पड़ताल में जुटी हुई है।
दोपहर में तकरीबन साढ़े तीन बजे धमाके की तेज आवाज आई। इसके साथ ही कंपन भी महसूस हुआ। पांच-छह सेकंड तक यही स्थिति रही। बाद में सब सामान्य हो गया। - वसंत गुप्ता
धमाके की आवाज के साथ कंपन भी हुआ। दरवाजे-खिड़की तक हिल गए। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि जैसे भूकंप आ गया हो। इससे सभी लोग दहशत में आ गए थे। - कमल वर्मा
धमाके की आवाज अचानक आई थी और कुछ ही सेकंड में शांत हो गई थी। धमाका इतना तेज था कि जमीन भी कांप गई थी। सभी बाहर निकल आए थे। - प्रतिमा राजपूत
महानगर के सभी इलाकों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी धमाके की आवाज सुनने मिली। प्रशासन को इसके स्रोत का पता लगाना चाहिए। - मदन लाल बबेले