- हथेली व तलवा में पीलापन दिखाई दे, तो तत्काल कराएं उपचार
- नवजात शिशु गहन कक्ष में रोजाना भर्ती हो रहे चार-पांच नवजात
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यदि मां का ब्लड ग्रुप ओ है, तो नवजात में पीलिया होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। नवजात की हथेली व तलवा में पीलापन दिखे तो तत्काल उपचार कराएं अन्यथा हालत बिगड़ सकती है। मेडिकल कॉलेज नवजात शिशु गहन कक्ष में ऐसे बच्चे रोजाना चार-पांच भर्ती हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि जन्म लेने के दो-तीन दिन तक अधिकांश बच्चों में पीलिया के लक्षण आते हैं, जो पांचवें दिन से सामान्य होने लगता है। ऐसे में यदि बच्चे को मां का दूध कम मिलता है, तो डिहाइड्रेशन होने की वजह से पीलिया बढ़ जाता है, जो उपचार से सामान्य हो जाता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि जिन माताओं के ब्लड ग्रुप ओ अथवा माता-पिता के निगेटिव-पॉजिटिव हैं, तो नवजात में पीलिया होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे माताओं को चाहिए कि वह बच्चे को पर्याप्त दूध पिलाएं, जिससे पीलिया बिगड़ने का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने बताया मेडिकल कॉलेज की मेडिकल कॉलेज में पीलिया से गंभीर चार-पांच नवजात रोजाना भर्ती किए जा रहे हैं।
0- भ्रम नहीं रखें, धूप से नहीं मिलती राहत
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि यह भ्रम है कि नवजात को सुबह की धूप दिखाने पर पीलिया कम होता है। यह सच है कि धूप से बच्चे को विटामिन डी मिलती है मगर पीलिया पर कोई असर नहीं पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि सर्दी में बच्चे को धूप में रखने से ठंड लग जाती है तो गर्मी में डिहाइड्रेशन हो जाता है।