अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बंगरा थाना इलाके में एक युवक ने सल्फास का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसने अपने रिश्ते के दादा को फोन कर बचाने की गुहार लगाई। परिजन आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के ऊपर ही अपने परिवार की जिम्मेदारी थी। उसकी मौत के बाद से परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है।
बंगरा निवासी विकास यादव (18) खेतीबाड़ी कर परिवार का जीवन-यापन करता था। रिश्ते के दादा विजय बहादुर ने बताया कि सोमवार को वह खेत पर गया हुआ था। वहां उसने सल्फास का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर वह घबरा गया और उसे फोन कर बचाने की गुहार लगाई। इस पर आनन-फानन उसे गरौठा के स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर वहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दादा ने बताया कि विकास दो भाई थे। उसके बड़े भाई की पिछले साल मौत हो गई थी। तब उसका बड़ा भाई अपने पिता के साथ घर के बाहर बैठकर आग ताप रहा था। इसी दरम्यान एक तेज रफ्तार बाइक ने उनमें टक्कर मार दी थी। घटना में बड़े भाई अनिकेत की मौत हो गई थी, जबकि पिता पैर से दिव्यांग हो गए थे। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी विकास के कंधों पर ही थी। उस पर तीन लाख रुपये बैंक का कर्ज था, जबकि 70 हजार रुपये बिजली का नलकूप का बिल भरना था, जबकि फसल कुछ खास नहीं हुई थी। इसी परेशानी में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। बता दें कि मृतक की जल्द शादी तय होने वाली थी। उसकी मौत के बाद से परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है। माता-पिता बार-बार बेटे को याद कर बेसुध हो जा रहे हैं। जबकि, एक ही परिवार के एक साल में एक के बाद एक दो बेटों की मौत के बाद से गांव का माहौल भी गमगीन बना हुआ है।