संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महाराजा गंगाधर राव एवं महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह की 183वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में रविवार को गणेश मंदिर में चित्रकला प्रतियोगिता हुई। शाम को मंदिर में मेहंदी की रस्म हुई और महिला संगीत का कार्यक्रम हुआ। इसमें महिलाओं ने विवाह के मधुर गीत गाए। सोमवार को भव्य बरात (शोभायात्रा) धूमधाम से निकाली जाएगी। गणेश मंदिर में सुबह दुल्हन वेश में रानी विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता हुई। इसमें महारानी लक्ष्मीबाई जूनियर हाईस्कूल, मनुबाई छबीली जूनियर हाईस्कूल, लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कालेज, स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज सहित विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने उत्साह से हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रथम वर्ग में प्रतीत कुमार ने पहला, कनक रत्नाकर ने दूसरा, कनिका शर्मा ने तीसरा, द्वितीय वर्ग में क्रिंजल कुशवाहा ने पहला, लीना लाक्षाकार ने दूसरा और माही अग्रवाल ने तीसरा स्थान हासिल किया। तृतीय वर्ग में अभिषेक पांडेय ने पहला, अनुष्का कुमारी ने दूसरा और गौरी रायकवार ने तीसरा स्थान पाया। सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। शाम को मंदिर में मेहंदी और संगीत कार्यक्रम हुआ। इसमें रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप के हाथों में मेहंदी रचाई गई। विवाह के बधाई गीत गाए गए।कार्यक्रम में श्यामली सिंह, शुभांगी डेग्वेकर, पूर्णिमा नाफडे, सुप्रिया खानवलकर, संगीता जोशी, वंदना पराडकर, प्रज्ञा खानवलकर, सीमा शर्मा आदि मौजूद रहे। सोमवार 19 मई को शाम पांच बजे लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से टीका के बाद बारात (शोभायात्रा) धूमधाम से निकाली जाएगी। शोभायात्रा पंचकुइयां चौराहा, कोतवाली, सिंधी तिराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार, गंधीगर का टपरा से होते हुए गणेश मंदिर में पहुंचेगी। यहां महाराजा गंगाधर राव व महारानी लक्ष्मीबाई का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न होगा।