संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अपने गौरवशाली अतीत को समेटे हुए लक्ष्मी व्यायामशाला में आज भी खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने वालों का जज्बा बेमिसाल है। व्यायामशाला से प्रशिक्षित कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है। इस वक्त जिमनास्टिक, मल्लखंभ, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी के हुनरबाजों को तैयार करने का काम कोच कर रहे हैं। यहां रियायती दर यानी टोकन मनी के रूप में पंजीकरण शुल्क ही लिया जाता है। 150 बालक-बालिकाओं को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लक्ष्मी व्यायामशाला के बुंदेलखंड सेवा मंडल के पर्यवेक्षक गजानन खानवलकर ने बताया कि शुुरुआत में लेझिम, जोड़ी, लाठी, भाला, तलवार, जंबिया, बंदूक, योगाभ्यास और बेंत के पोल पर मल्लखंभ का प्रशिक्षण दिया जाता था। धीरे-धीरे विस्तार किया गया। इनमें जिमनास्टिक, मल्लखंभ, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, योग हैं। व्यायामशाला में प्रशिक्षित खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की जिमनास्टिक, मल्लखंभ प्रतियोगिता एवं हॉकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं।