अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जम्मू-कश्मीर के युवक की मौत की गुत्थी उलझ गई है। वह बेंगलुरु से ट्रेन में सवार होकर कश्मीर जा रहा था। 13 अप्रैल को बड़ागांव में उसकी लाश सड़क के किनारे मिली। बृहस्पतिवार को परिजनों ने यहां आकर उसके शव की शिनाख्त की लेकिन, अभी तक यह साफ नहीं हो सका कि आखिर वह झांसी किस वजह से उतरा। इसके बाद पांच दिन तक वह कहां गायब रहा। उसकी लाश भी स्टेशन से करीब 12 किलोमीटर दूर बड़ागांव से बरामद हुई। पुलिस को उसका मोबाइल भी नहीं मिला। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। परिजन उसकी हत्या की आशंका जता रहे हैं।
जम्मू के सांभा जनपद के बखाचक्क गांव निवासी सुरेंद्र कुमार (32) पुत्र अशोक बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में काम करता था। परिजनों का कहना है 7 अप्रैल को सुरेंद्र जम्मू आने के लिए ट्रेन में बैठा। 9 अप्रैल को वह झांसी पहुंचा लेकिन, यहां पहुंचने के बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद से उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। 13 अप्रैल को उसकी लाश बड़ागांव थाने के ढिमरोनी रोड पर नवजीवन स्टोन क्रशर के पास सड़क के किनारे पड़ी मिली। उसके पास मिले वोटर आई कार्ड के जरिए उसकी शिनाख्त हुई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग और उसका बड़ा भाई राजेंद्र यहां पहुंचा। उसने थाने पहुंचकर सुरेंद्र के शव की शिनाख्त की। भाई ने बताया कि सुरेंद्र की अभी शादी नहीं हुई थी। उसका सारा सामान गायब है। उसका मोबाइल फोन भी बरामद नहीं हुआ। झांसी में वह किस वजह से उतरा और पांच दिन लापता रहा अभी तक पुलिस इसकी वजह भी नहीं तलाश सकी है। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि विसरा सुरक्षित रखवाया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। युवक ने शराब पी रखी थी।