झांसी। शनिवार सुबह तेज रफ्तार से जा रहे ट्रक ने कानपुर बाईपास पर सखी के हनुमान मंदिर के पास वीडियो डिजाइनर को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक करीब पचास मीटर तक डिजाइनर को घसीटता ले गया। दुर्घटना में दो सहकर्मी भी घायल हो गए। हादसे से गुस्साए लोगों की भीड़ ने ट्रक को फूंक दिया। चालक मौके से भाग गया। यह ट्रक आलू लादकर कानपुर से ग्वालियर जा रहा था।
टहरौली तहसील के उल्दन थाना क्षेत्र अंतर्गत घांधरी गांव निवासी दीनदयाल का पुत्र हेमंत (24) भोजला स्थित एक संस्थान में वीडियो डिजाइनिंग का काम करता था। वह बीए फाइनल का छात्र था। शनिवार सुबह हेमंत अपने सहकर्मी पंकज राजपूत और मोहित के साथ बाइक से ड्यूटी जा रहा था। बाइक को पंकज चला रहा था, जबकि हेमंत पीछे बैठा था।
सखी के हनुमान मंदिर के आगे रास्ते में खड़े एक वाहन को देखकर पंकज ने बाइक रोक दी। उसी समय पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे पंकज एवं मोहित बाईं ओर गिर पड़े, जबकि हेमंत का बैग ट्रक में फंस गया। इस कारण हेमंत ट्रक के साथ करीब पचास मीटर तक घिसटता चला गया। ट्रक के पहिये के नीचे आ जाने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना को देख शोर मचाते हुए कई लोग ट्रक के पीछे भागे। कुछ दूर बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगा दी। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
घर का इकलौता पुत्र था हेमंत
सड़क हादसे में हेमंत की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, मां शांति बेहोश हो गई। पिता दीनदयाल खेती-बाड़ी करते हैं। उनका एवं बहन नेहा का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
ड्राइवर की लापरवाही से गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है हेमंत के गिरते ही आसपास खड़े लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, लेकिन ट्रक ड्राइवर गाड़ी रोकने के बजाय भगाने लगा। इस वजह से हेमंत ट्रक में फंसकर घसिटता चला गया और उसकी मौत हो गई। अगर ड्राइवर समय पर गाड़ी रोक देता तो हेमंत की जान बच सकती थी।