झांसी। गुरसराय के खैरो नुनार गांव में पड़ी डकैती का जल्द खुलासा करना पुलिस की नाक का सवाल बन चुका है। बदमाशों की तलाश में उरई एवं ललितपुर की स्वॉट टीम को भी लगा दिया गया। वारदात के बाद बदमाशों के मध्य प्रदेश भागने की आशंका जताई जा रही है। इनकी तलाश में पुलिस टीम मध्य प्रदेश भी पहुंच गई। उधर, पुलिस को डकैती कांड के पीछे गांव के ही किसी आदमी के हाथ होने की आशंका है। सर्विलांस टीम गुरसराय में लगे तीन बीटीएस की पड़ताल कर रही है। पुलिस अफसरों के मुताबिक वारदात के दौरान चार सौ से अधिक मोबाइल फोन उस पूरे इलाके में सक्रिय थे। आशंका है कि घटना से ठीक पहले बदमाशों को मोबाइल से लोकेशन बताई गई। उसके बाद सब कुछ सही होेने के बाद बदमाशों ने जैन परिवार के घर पर धावा बोला और करीब पौन घंटे लूटपाट करने के बाद वहां से निकल भागे। जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि बदमाश जैन परिवार से बहुत अच्छी तरह से वाकिफ थे। पिछले साल कानपुर में श्रेयांश के छोटे भाई की दुर्घटना में मौत हो गई थी। बदमाश यह बात जानते थे। बदमाशों ने श्रेयांश का हाल भी उसी तरह से करने की धमकी दी थी। ऐसे में पुलिस का शक गांव के लोगों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। पुलिस ने पूछताछ के लिए आसपास के गांव के 18 संदिग्ध लोगों को उठा लिया था। इनमें पूर्व ग्राम प्रधान समेत दो महिलाएं भी शामिल हैं। इनसे पूछताछ के दौरान पुलिस के हाथ कुछ सुराग आए हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि इससे घटना का खुलासा करने में मदद मिलेगी। डीआईजी जोगेंद्र कुमार भी खुलासे के लिए पुलिस टीम को लगातार निर्देश दे रहे हैं। मंगलवार देर-रात उन्होंने पुलिस लाइन में खुलासे में लगी टीमों से अपडेट लिया।
बता दें कि 19 मार्च की आधी रात आधा दर्जन से अधिक सशस्त्र बदमाशों ने श्रेयांश जैन के घर में घुसकर करीब तीस लाख की नकदी समेत जेवरात लूट लिए थे। एसएसपी राजेश एस का कहना है कि खुलासे के लिए सर्विलांस टीम भी लगाई गई है।