झांसी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ग्रासलैंड) झांसी का शनिवार को भारत सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. ओपी चौधरी ने निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होेंने ग्रासलैंड में विभिन्न उत्पादन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। बैठक के दौरान उन्होंने उद्यमिता विकास से चारा, बीज, साइलेज को प्रोत्साहन देने और तकनीकियों के विकास में वित्त प्रबंध के निर्देश दिए। संस्थान निदेशक डॉ. अमरेश चंद्रा के साथ चारा तकनीकी पार्क में नेपियर गिनी घास के साथ चारा फ सलों बरसीम, जई, लोबिया, चरी एवं दलहनी चारे समेत स्टाइलो, दशरथ घास, उद्यान चारा पद्धति, कांटा रहित नागफ नी, गन्ना घास का अवलोकन किया। डॉ. ओपी चौधरी ने हाईब्रिड नेपियर और गिनी घास, कांटा रहित नागफ नी, अजोला उत्पादन के बारे में भी जानकारी प्राप्त की । संस्थान के चारा संग्रहालय में देश की विभिन्न प्रजातियों की मुख्य घासों के संबंध एवं देश में चारे की कमी को दूर करने के लिए किये जा रहे अनुसंधान के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इस मौके पर संस्थान के तमाम वैज्ञानिक मौजूद रहे।