पटाखों के धुएं और प्रदूषण से आसमान में छाया स्मॉग
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दिवाली की रात की चकाचौंध के बाद झांसी की हवा भारी हो गई है। त्योहार के बाद शहर का वायु प्रदूषण दोगुना बढ़ गया है। पटाखों के धुएं और प्रदूषण ने शहर को स्मॉग (धुएं और कोहरे का मिश्रण) की परतों में लपेट लिया है। बुधवार सुबह भी शहर के कई इलाकों में दृश्यता कम रही, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिवाली के दिन झांसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 74 दर्ज किया गया था। अगले दिन मंगलवार को एक्यूआई बढ़कर 189 तक पहुंच गया। अभी हवा में प्रदूषण मध्यम स्तर का है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर आम लोगों के लिए तो ठीक है, लेकिन बच्चे, बुजुर्ग, अस्थमा या हृदय रोगी को थोड़ी परेशानी हो सकती है। सुबह की सैर और दोपहिया वाहन चलाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। नगर निगम ने अभी तक वायु प्रदूषण रोकने के लिए कोई पहल नहीं की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखों के धुएं में मौजूद कार्बन और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे तत्व हवा में घुलकर स्मॉग का कारण बनते हैं। इसका असर सांस और आंखों की तकलीफ के रूप में देखने को मिल रहा है।