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Jhansi News: जंगलों में बढ़ रहा तेंदुओं का कुनबा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। तेंदुओं की तादाद दिन ब दिन बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग इसकी वैज्ञानिक गणना नहीं करा रहा। इससे मानव-वन्य जीव कॉंसेप्ट पर कार्य नहीं हो पा रहा है। इनके संरक्षण की भी योजना नहीं बनाई जा रही है, जबकि देवगढ़ से लेकर गौना, मड़ावरा व मदनपुर के जंगलों में इनकी अच्छी खासी संख्या है। वर्ष 2022 में कराई गई साधारण गणना में इनकी संख्या 22 पाई गई थी। इसमें सात नर व सात मादा थे। उस समय आठ बच्चे भी पाए गए थे।
देवगढ़ और धौर्रा के जंगलों में तेंदुए कई बार पालतु पशुओं का शिकार कर चुके हैं। हाल में धौर्रा के जंगलों में एक तेंदुआ शिकारी के फंदे में फंस गया था, जिसे कानपुर से आई वाइल्ड लाइफ की टीम ने सुरक्षित निकाला था। एक वर्ष पूर्व गौना रेंज अंतर्गत ग्राम महौली में शिकारी के फंदे में फंसकर एक तेंदुए की मौत भी हो गई थी। वर्ष 2022 में वन्य जीव साधारण गणना के अनुसार यहां कुल 22 तेंदुआ थे, जिसमें सात मादा, सात नर और आठ बच्चे थे। इससे पहले जो सर्वे 2014 में कराया गया था, उसमें इनकी संख्या 14 ही मिली थी। अब दो वर्ष से कोई सर्वे नहीं कराया गया है। इस कारण मैन-एनिमल कॉंसेप्ट पर कार्य भी नहीं हुआ। वन क्षेत्र के समीप ग्रामीण इलाके में लोगों को जंगली जानवरों के बीच रहने का प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया।
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वन क्षेत्र में रहने वाले जंगली जानवरों का सर्वे लंबे समय से नहीं कराया गया है। जल्द ही वैज्ञानिक गणना कराई जाएगी, साथ ही मानव और वन्यजीव कॉंसेप्ट पर कार्य किया जाएगा।
शिरीन सिद्दकी, उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
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