संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की कमान संभालने वाले चार सीनियर डॉक्टर प्रमोशन की कतार में हैं। प्रमोशन होने पर इनका कार्यकाल तीन साल घट जाएगा और वह 62 साल की उम्र में ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके चलते चारों चिकित्सकों की फाइल पांच महीने से आगे नहीं बढ़ पा रही है।
वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग में स्थायी नियुक्ति पर 28 चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। इनमें दो सर्जन हैं और अन्य मेडिसन व ईएनटी चिकित्सक हैं। इनके अलावा 20 चिकित्सकों को अनुबंध पर नियुक्ति मिली हुई है। जिला अस्पताल से स्थायी चिकित्सक लगातार सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं। इससे अस्पताल में अनुभवी चिकित्सकों की संख्या घटती जा रही है।
अब विभाग के सामने एक और समस्या यह खड़ी हो गई है कि महत्वपूर्ण पदों पर तैनात लेवल चार के चिकित्सक प्रमोशन की रेस में हैं। इनमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीके कटियार, जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमन और सीनियर फिजीशियन डॉ. रेखा रानी शामिल हैं। अगर इन चिकित्सकों को लेवल पांच में प्रमोशन मिलता है तो उनका कार्यकाल 62 साल की उम्र में ही समाप्त हो जाएगा। अगर वह लेवल चार पर ही रहते हैं तो फिर 65 साल की उम्र तक सेवाएं दे सकेंगे। हालांकि जिस तरह उक्त चिकित्सकों की फाइल रेंग रही हैं। उससे उम्मीद जताई जा रही है कि इन चिकित्सकों का कार्यकाल 65 साल की आयु तक बढ़ सकता है। बता दें कि 24 साल की सेवाएं देने के बाद चिकित्सकों काे प्रमोशन देने का नियम है।
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चार वरिष्ठ चिकित्सकों की फाइल प्रमोशन के लिए भेजी गई है। यदि प्रमोशन होता है तो 62 साल की उम्र में चिकित्सक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। शासन की मंशा है कि अनुभवी चिकित्सकों की सेवाओं का अधिक लाभ मरीजों को मिल सके। यदि प्रमोशन नहीं होता है कि फिर यह सेवाकाल 65 साल की आयु तक चलेगा।
डॉ. पीके कटियार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।