ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया सोमवार 25 मई से नौ तपा शुरू हो जाएंगे। आकाश मंडल में सूर्य सुबह 8:16 बजे रोहिणी नक्षत्र में पहुंच जाएंगे। खास बात और ज्योतिषीय संयोग यह है कि लगातार पांच वर्षों से नौ तपा 25 मई से ही प्रारंभ हो रहे हैं। तीन जून तक चलने वाले नौ तपा में गंगा दशहरा और निर्जल एकादशी जैसे बडे़ पर्व भी मनाए जाएंगे। बुंदेलखंड में नौ तपा का बड़ा महत्व है। इस अवधि में किसान वर्षा ऋतु में होने वाली बरसात का अनुमान लगाते हैं। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार 26 मई को मंगल व शनि का शम सप्तक योग बन रहा है। ऐसे में प्रचंड गर्मी रहेगी। नौ तपा में वर्षा नहीं होनी चाहिए। मान्यता है कि बरसात होने पर वर्षा ऋतु के चार महीनों में होने वाली बरसात भरपूर नहीं होती है। फसल भी प्रभावित होती है। उनके अनुसार ज्योतिषीय संयोग यह है कि लगातार पांच वर्षों से नौ तपा 25 मई से ही प्रारंभ हो रहे हैं। ज्योतिषविद डॉ. नाथूराम पांडेय के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना की जाती है, कि नौ तपा में बरसात न हो। ज्योतिष की मान्यता है कि नौ तपा जितना तपता है, उतनी ही अच्छी बरसात होती है। कई पौराणिक एवं ज्योतिष ग्रंथों में नौ तपा का जिक्र है। संस्कृत साहित्य में इसे रोहिणी तपन काल कहते हैं।