- 10 फीसदी बढ़े डिहाइड्रेशन के मरीज, जिला अस्पताल में वार्ड सुरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिले में 40 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान पहुंचते ही जिला अस्पताल की ओपीडी में डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) के मरीजों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ गई है। साथ ही हीट स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ गया है। ऐसे में अस्पताल में वार्ड भी सुरक्षित कर लिया गया है।
डिहाइड्रेशन गर्मी में होने वाली सबसे आम परेशानी है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ की कमी होने से डिहाइड्रेशन हो जाता है। ये हल्का, मध्य या गंभीर हो सकता है। ये समस्या लगातार उल्टी-दस्त आदि कारणों से भी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी से इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस गड़बड़ होता है। इससे मांसपेशियों में दर्द शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचते ही ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में 10 फीसदी बढ़ गई है। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पारा पहुंचते ही हीट स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके कटियार ने बताया कि अस्पताल में हीट स्ट्रोक के मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 बेड का वार्ड भी सुरक्षित कर लिया गया है।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
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- मुंह सूखना
- सिर दर्द
- थकान
- चक्कर आना
- रूखी त्वचा
इस सप्ताह ये रहा तापमान
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दिन अधिकतम पारा
सोमवार 39.3 डिग्री
मंगलवार 40.5 डिग्री
बुधवार 38.1 डिग्री
बृहस्पतिवार 39.1 डिग्री