फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: सोलह घंटे बाद कुएं के अंदर से बरामद हुआ किशोर का शव

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झांसी। कुएं में नहाते समय डूबे दूसरे किशोर कामरान का शव 16 घंटे बाद सोमवार तड़के बरामद हो गया। रविवार दोपहर वह अपने दोस्तों के साथ मढिया महादेव मंदिर के पीछे बने कुएं में नहाने गया था। नहाने के दौरान दो किशोर उसमें डूब गए थे। रविवार दोपहर को एक किशोर का शव निकाल लिया गया लेकिन, दूसरे किशोर का पता नहीं चल सका था। पूरी रात सेना और पुलिस बल बचाव कार्य में लगा रहा। कुएं को करीब तीस फुट तक खाली कराने के बाद दोबारा उसमें गोताखोर उतारे गए। किशोर का शव कुएं के अंदर जाली में फंसा हुआ था। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है।



नवाबाद के मढिया महादेव मंंदिर के पीछे सैकड़ों साल पुराना पक्का कुआं है। रविवार दोपहर यहां छनियापुरा निवासी आसिफ (14) पुत्र राशिद, ओरछा गेट अंदर निवासी मोहम्मद कामरान (13) पुत्र पप्पन अपने अन्य तीन दोस्तों के साथ कुएं में नहाने गया था। यह लोग यहां रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर नहाते थे। आशंका जताई जा रही कि रस्सी खुल जाने से आसिफ और कामरान कुएं में डूब गए। पुलिस ने दो घंटे बाद आसिफ का शव बरामद कर लिया लेकिन, कामरान का पता नहीं चला। उसको तलाशने के लिए सेना को भी बुला लिया गया। सेना अपने पूरे साजो-समान के साथ पहुंची। इसके बाद पूरी रात तक बचाव कार्य चलता रहा। बड़े-बड़े पंप लगाकर कुएं को खाली कराने का काम शुरू हुआ लेकिन, कुएं में झिर होने से कुआं खाली कराने में समय लग रहा था। सीओ सिटी राजेश राय के मुताबिक तड़के करीब पांच बजे कुआं के करीब तीस फुट खाली होने के बाद भट्टागांव निवासी गोताखोर आमिल खान को नीचे उतारा गया। कुएं के नीचे बने जाल में उसका शव फंसा था। कामरान का शव बरामद होते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को बाहर निकाला। जाल में फंसे होने की वजह से उसका शव नहीं मिल रहा था।
विज्ञापन


इनसेट
दम घुटने से हुई मौत
पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दोनों किशोरों के डूबने के बाद उनके फेफड़ों में पानी भर गया। इससे वह सांस नहीं ले सके। कुछ देर बाद ही उनका दम घुट गया, जिससे उनकी मौत हो गई।


इनसेट
दोस्तों के साथ खेलने की बात कहकर निकला था कामरान

आसिफ और कामरान के परिजनों को उन दोनों के कुएं में जाने की बात पता ही नहीं थी। कामरान की मां अफसाना का कहना है कि रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे कामरान खेलने जाने की बात कहकर निकला था। घर में किसी को पता नहीं था कि वह अपने दोस्तों के साथ कुएं में नहाने गया है। मां बिलखते हुए बार-बार कह रही थी कि अगर उसको पता होता तब वह कभी उसे जाने नहीं देती। दोपहर में किसी ने उनको बताया कि कामरान कुएं में गिर गया है। जब वह लोग पहुंचे तब बाहर कामरान के कपड़े और चप्पल रखे थे। उनका कहना है कि इस तरह के खुले कुएं को बंद कर दिया जाए।

इनसेट

दस दिन पहले कोचिंग में मिला था दूसरा स्थान
कामरान और आसिफ पांचवी में पढ़ते थे। दोनों ही पढ़ने में होशियार थे। कामरान के शिक्षकों का कहना है कि उसकी राइटिंग काफी अच्छी थी। दस दिन पहले ही कोचिंग में हुए राइटिंग टेस्ट में वह दूसरे नंबर पर आया था। कामरान तीन भाई-बहन में दूसरे नंबर का था। बड़ा भाई फैजान प्राइवेट काम करता है। जबकि छोटी बहन अलीशा पढ़ती है।
विज्ञापन


इनसेट
कई जगह बड़ा खतरा बने हैं यह खुले पड़े कुएं
जनपद में कुएं में गिरने से अक्सर ही लोग जान गवां बैठते हैं। महानगर में पंचकुइयां मंदिर के सामने तीन बड़े कुएं में भी गिरने से लोगों की मौत हो चुकी। इसी तरह झरना गेट के पास स्थित कुआं भी खुला हुआ है। इसमें भी गिरकर मौत हो चुकी। पिछले सप्ताह ही बड़ागांव में खुले कुएं में गिरने से युवक की मौत हो गई थी। टहरौली स्थित कुएं में गिरने से मई माह में युवक की मौत हो गई थी। ग्रामीण इलाकों में खेतों में ही खुले कुएं बने हैं। खेतों के बीच बने इन कुएं के चारों ओर कोई बाउंड्रीवाल तक नहीं है। इस वजह से अक्सर रात में लौटते समय राहगीर इसमें गिर जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें