कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि यह ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम पहली बार यहां आयोजित किया गया। उसका मुख्य कारण कोरोना काल में बुंदेलखंड क्षेत्र में गुणवत्तायुक्त सब्जी पौध तैयार करने और उन पर होने वाले रोगों का निदान करने संबंधी किसानों को जानकारी कृषि वैज्ञानिकों ने दी। कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि बुंदेलखंड की भूमि सब्जी व पौध उत्पादन के लिए उचित मानी गई है। किसानों को मुख्य समस्या क्या आती हैं, उस पर प्रकाश डाला। विशेष संबोधन कृषि केंद्र भरारी की डॉ निषी राय, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ एके पांडेय रहे। कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ एसएस सिंह ने आभार जताया। इस दौरान डॉ गौरव शर्मा, डॉ. राजेश कुमार पांडेय, डॉ अर्जुन लाल ओला, डॉ डीआर भारद्वाज, डॉ युमनाम विजीलक्ष्मी देवी, डॉ अवनी सिंह, डॉ अभिषेक कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ पवन कुमार मौजूद रहे।