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Jhansi News: ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में तीसरे दिन भी गरजे शिक्षक

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- शिक्षा भवन में की सभा, कलेक्ट्रेट में अफसरों की सद्बुद्धि के लिए किया गायत्री मंत्र का उच्चारण
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में एकजुट शिक्षक संयुक्त शिक्षक मोर्चा के नेतृत्व में खूब गरजे। शिक्षा भवन परिसर में हुई सभा में आगे की रणनीति बनाई। कलक्ट्रेट में अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए गायत्री मंत्र का सामूहिक उच्चारण किया।

सरकार ने आठ जुलाई से बेसिक शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन कर दी है। इसके विरोध में शिक्षक तीन दिन से विद्यालय में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। बुधवार को विद्यालयों में छुट्टी के बाद शिक्षकों ने शिक्षा भवन परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नितिन चौरसिया ने कहा, ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन पहले शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण किया जाए।
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पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुनील पांडेय ने कहा, शिक्षिकाएं करीब 100 किमी. दूर अध्यापन करने जाती हैं। मौसम खराब होने के कारण विलंब भी हो सकता है। ऐसे में अनुपस्थित मानना उचित नहीं होगा। बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम ने कहा, सरकार को शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जबरन थोपा न जाए।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. अचल सिंह ने कहा, विद्यालय में छुट्टी के 15 मिनट बाद उपस्थिति भेजने का औचित्य नहीं है। एकल विद्यालय की शिक्षिका अकेली बैठकर इंतजार नहीं कर सकती। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष प्रतिमा कुशवाहा, यूटा जिलाध्यक्ष अंकित बाबू राय, एससी-एसटी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश विद्रोही, अंतरजनपदीय शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री अखिलेश मिश्रा, अनुदेशक संघ अध्यक्ष हृदय सिंह आदि ने सभा को संबोधित किया।
इस दौरान नीता सिंह, अर्चना वर्मा, राम कटियार, अंजना यादव, पूजा रिछारिया, पूनम पुरोहित, श्वेता गुप्ता, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुनील पांडेय, नितिन चौरसिया, अंकित बाबू राय आदि मौजूद रहे।
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0- शिक्षक कर रहे ये मांग
शिक्षकों को हाफ सीएल, 31 उपार्जित अवकाश, प्रतिकार अवकाश, गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त किया जाए। सामूहिक बीमा सुविधा, कैशलेस चिकित्सा एवं राज्य कर्मचारियों का दर्जा प्रदान किया जाए। भविष्य निधि खाते को ऑनलाइन किया जाए। अवकाश के दिन कार्य के एवज में प्रतिकार अवकाश प्रदान किया जाए। विद्यालय में आवश्यक कार्य के लिए एक लिपिक एवं चपरासी दिया जाए। अनुदेशकों को नियमित किया जाए।
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