अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद वेतनभोगी सहकारी समिति का कामकाज पिछले डेढ़ साल से ठप है। जबकि, अपनी जरूरतों को पूरा करने की खातिर ऋण लेने के लिए बेसिक के तमाम शिक्षक और कर्मचारी समिति कार्यालय के लगातार चक्कर काट रहे हैं।
शिक्षा भवन परिसर में बेसिक शिक्षा परिषद वेतनभोगी सहकारी समिति का कार्यालय है। समिति के 3200 सदस्य हैं। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और कर्मचारी शामिल हैं। समिति की ओर से सदस्यों को बीस लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। यह ऋण दस प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दिया जाता है। ऋण लेने के लिए सदस्यों को ज्यादा औपचारिकताएं नहीं करनी होती हैं। उन्हें एक-दो दिन में ऋण उपलब्ध करा दिया जाता है।
यही वजह है कि पैसे की जरूरत पड़ने पर बेसिक के शिक्षक और कर्मचारी समिति का दरवाजा खटखटाते हैं। लेकिन, पिछले डेढ़ साल से उनके हाथ निराशा ही लग रही है। समिति की ओर से किसी को भी ऋण नहीं दिया जा रहा है। विवाद के चलते चुनाव न हो पाने की वजह से समिति का कामकाज ठप पड़ा है। यहां तक कि समिति में कार्यरत कर्मचारियों को भी वेतन हासिल करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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बेटी की शादी के लिए नहीं मिल पा रहा ऋण
समिति के सदस्य बेसिक के कर्मचारी अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें बेटी की शादी के लिए आठ लाख रुपये के ऋण की आवश्यकता है। वह लगातार समिति कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन, समिति का कामकाज ठप होने से ऋण नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें प्लॉट खरीदने के लिए छह लाख रुपये के ऋण की जरूरत है, लेकिन समिति से रुपया नहीं मिल पा रहा है।
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समिति का चुनाव न होने से कामकाज ठप है। लेकिन, यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं रहने वाली है। जल्द इसका चुनाव कराया जाएगा। - उदय शंकर, सहायक आयुक्त, सहकारिता