अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम सहित बलात्कार) नितेंद्र कुमार की अदालत ने 11 साल की मासूम छात्रा के लैंगिक शोषण का आरोप सिद्ध होने पर शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने 28 माह में सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि एक व्यक्ति ने 28 अप्रैल 2020 को बरुआसागर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि उसकी 11 साल की बेटी एक निजी विद्यालय में कक्षा चार की छात्रा है। बरुआसागर के मातवाना मुहल्ला निवासी कैलाश नारायण तिवारी विद्यालय का प्रबंधक है, जो पढ़ाता भी है। 19 अप्रैल 2020 को कैलाश उसके घर पर आया और बेटी को ट्यूशन भेजने की बात कही।
शिकायत के अनुसार, स्कूल जाने पर शिक्षक उसे स्कूल के अलग कमरे में ले जाकर गंदी हरकत करने लगा। वह धमकाता भी था। शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के बाद आरोपी शिक्षक कैलाश नारायण तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अदालत ने अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई। इस मामले में सात लोगों ने गवाही दी थी। पीड़िता के बयान अहम थे।