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Jhansi News: गर्मी में दौड़ाएं वाहन तो सावधानियों का रखें ध्यान...

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वायरिंग में कट और कूलेंट की कमी से लग रही दौड़ते वाहनों में आग, टायर फटने से रोकने के लिए लंबी यात्रा पर कुछ देर का ब्रेक जरूरीअमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। भीषण गर्मी में हाईवे पर बस, कार, टेंपो जैसे वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए इस मौसम में हाईवे पर वाहन में यात्रा कर रहे हैं तो सावधानियों का ध्यान रखें, जिससे चलते वाहनों में आग लगने और टायर फटने की घटनाओं से बचा जा सकता है। लंबी यात्रा पर निकलें तो वाहन में कूलेंट की जांच जरूर करा लें। इसकी कमी भी वाहन में आग लगने का कारण बन रही है। इसी तरह हॉर्न, लाइट, स्पीकर, जीपीएस और गैस किट जैसे उपकरण लगवाते समय वायरिंग में कट न लगाने दें, भीषण गर्मी में यही कट शॉर्ट सर्किट का कारण बन रहे हैं। इसलिए उपकरण लगवाने के बाद क्लैंप से तारों को जोड़ा जाए तो शॉर्ट सर्किट से बचा जा सकता है। इसी तरह भीषण गर्मी में लंबी यात्रा के दौरान तेल की टंकी फुल न कराएं और 50 से 70 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद थोड़ी देर के लिए गाड़ी को रोक लें तो इंजन भी ठंडा होगा और टायर फटने की घटना से बचा जा सकता है।

हाल ही में हुईं घटनाएं
- 18 मई की शाम मोंठ कोतवाली के सामने कानपुर से झांसी आ रही रोडवेज बस में शॉर्ट सर्किट की वजह से इंजन के पास लगी आग
- 18 मई की रात ओरछा से दर्शन करके झांसी लौट रहे युवकों की कार में पेड़ से टकराने के बाद लगी आग


सलाह
- वाहन में कूलेंट की कमी न होने दें
- 50 से 70 किमी की दूरी के बाद ब्रेक लें
- उपकरण लगवाते समय क्लैंप से तारों को जोड़ा जाए
- लंबी यात्रा के दौरान तेल टंकी फुल न कराएं


बोले एक्सपर्ट -
चलते वाहनों में आग लगने का कारण वायरिंग के कट मेंं शॉर्ट सर्किट होना है। इसके अलावा कूलेंट की कमी भी बड़ा कारण है। इसलिए वायरिंग में कट न लगवाएं, क्लैंप से ही तारों को जोड़ा जाए। इस तरह वाहनों में आग लगने की घटनाओं को रोका जा सकता है।
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- लक्ष्मीकांत सारंगी, मैनेजर, जेएमके टाटा मोटर्स

अब ज्यादातर चौपहिया या अन्य बड़ी गाड़ियां इलेक्ट्रानिक्स हैं, जिनमें सेंसर लगे हैं। गाड़ियों में किसी भी कमी की जानकारी मीटर में दिखाई दे जाती है। इसलिए इसका ध्यान रखें। गाड़ी में वायरिंग का काम एजेंसी में ही कराएं, जिससे वायरिंग में कट लगने की समस्या नहीं होगी। इस तरह शॉर्ट सर्किट को रोका जा सकता है।
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- सुबोध सूरी, डायरेक्टर मारुति एजेंसी

लंबी दूरी पर यात्रा करते समय वाहन के संबंध में कंपनी द्वारा दी गई गाइड लाइन का पालन करें। इसके अलावा टंकी को थोड़ा खाली रखें। 50 से 70 किलोमीटर की दूरी की यात्रा करके थोड़ा ब्रेक लेना भी लाभदायक होगा। इससे टायर फटने के चांस भी कम रहते हैं।
- सुनील जैन, डायरेक्टर, एनएचएआई
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