मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में अभी छह यूनिट चल रही हैं। इसमें नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी शामिल हैं। मौजूदा समय में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का जबरदस्त टोटा होने की वजह से ब्लॉक में किसी विभाग की ओपीडी दो तो किसी की तीन दिन हो पाती है।
झांसी में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं और मजबूत होंगी। मेडिकल कॉलेज में बने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में जल्द ही 10 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी। इसके अलावा स्टाफ नर्स समेत 80 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के जरिए रखा जाएगा। स्टाफ बढ़ने से ब्लॉक में ओटी से लेकर ओपीडी तक बढ़ जाएंगी।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में अभी छह यूनिट चल रही हैं। इसमें नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी शामिल हैं। मौजूदा समय में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का जबरदस्त टोटा होने की वजह से ब्लॉक में किसी विभाग की ओपीडी दो तो किसी की तीन दिन हो पाती है। इसके अलावा ओटी भी समिति संख्या में चलती हैं।
अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 10 डॉक्टरों के साक्षात्कार और अर्हता की जांच करने के बाद महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को स्वीकृति के लिए पद भेज दिया है। वहां पर दस्तावेजों की जांच के बाद चिकित्सकों की नियुक्ति की फाइल शासन को भेज दी जाएगी। यदि सबकुछ ठीक मिला तो दो सप्ताह के अंदर अनुमति मिलने की उम्मीद है। फिर न्यूरो सर्जरी में चार, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया के दो-दो नए डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाएगी।
विज्ञापन
इसके बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में ओपीडी से लेकर ओटी तक की संख्या बढ़ जाएगी। वहीं, 80 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की तैनाती के लिए भी टेंडर करा दिए गए हैं। इसमें 36 स्टाफ नर्स शामिल हैं।
अभी किस यूनिट में कितने डॉक्टर
विभाग तैनात
न्यूरो सर्जरी 1
नेफ्रोलॉजी 1
न्यूरोलॉजी 2
कार्डियोलॉजी 2
यूरोलॉजी 2
प्लास्टिक सर्जरी 2
(नोट: कई विभागों में बांड पर चिकित्सक हैं।)
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में 10 चिकित्सकों का साक्षात्कार लेने के बाद महानिदेशक को फाइल भेज दी गई है। जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति को मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा 80 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को रखने के लिए भी टेंडर हो गया है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।