झांसी। सोमवार की रात रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई। झांसी से चलकर सदर्न एक्सप्रेस दिल्ली तक बगैर टीटीई के पहुंच गई, बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया। यात्रियों के रेल मंत्री को ट्वीट किए जाने पर मामला खुला। इसके बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
12721 सदर्न एक्सप्रेस झांसी से रोजाना रात को 9.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होती है और वहां यह गाड़ी सुबह 3.45 बजे पहुंचती है। सोमवार को यह गाड़ी 10 मिनट की देरी से रात 9.40 बजे रवाना हुई। इस गाड़ी में टीटीई एके अग्रवाल की ड्यूटी लगाई गई थी। उन्हें इस गाड़ी को लेकर जाना था। लेकिन, गाड़ी पर चढ़ने से पहले ही उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। इसकी जानकारी ट्रेन में तैनात अन्य स्टाफ को नहीं लग पाई और उन्होंने सिग्नल ग्रीन होते ही गाड़ी आगे बढ़ा दी।
मुरैना और आगरा के बीच जब कुछ सवारियों को सीट नहीं मिली तो उन्होंने ट्रेन में टीटीई की तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद उन्हें पता चला कि गाड़ी में टीटीई है ही नहीं। इस पर गुस्साए रेल यात्रियों ने रेल मंत्री को ट्वीट कर दिया। इसके बाद मंडल रेल प्रशासन हरकत में आया, लेकिन तब तक गाड़ी दिल्ली पहुंच चुकी थी। जबकि, संबंधित टीटीई का इलाज रेल अस्पताल में जारी है।
रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अचानक तबीयत खराब होने की वजह से टीटीई ट्रेन में नहीं चढ़ पाए थे। हालांकि, गाड़ी सामान्य तौर पर अपने गंतव्य पर पहुंच गई थी।
टीटीई की कमी से जूझ रहा रेलवे
झांसी। रेल प्रशासन टीटीई की कमी से जूझ रहा है। कुछ साल पहले तक मंडल में टीटीई के बारह सौ से अधिक पद सृजित थे। लेकिन, वर्तमान में तैनात लगभग छह सौ ही हैं। नियमानुसार 24 कोच की गाड़ी में छह-सात टीटीई का होना जरूरी होता है। लेकिन, कमी की वजह से एक-दो टीटीई को ही पूरी गाड़ी की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। ऐसे में टिकट चेकिंग तो प्रभावित होती ही है, साथ ही यात्रियों को सीट पाने में अक्सर असुविधा का सामना करना पड़ जाता है।