चंद मिनटों में बुक हो गए अनुदान में मिलने वाले कीटनाशक यंत्र पंद्रह मिनट के भीतर लॉक हो गया पोर्टल, डीडी से शिकायत अमर उजाला ब्यूरो झांसी। कीटनाशक छिड़काव के लिए अनुदान पर मिलने वाले कृषि उपकरणों का पंजीकरण पोर्टल खुलने के पंद्रह मिनट के भीतर ही बंद हो गया। इस वजह से सैकड़ों किसान पंजीकरण नहीं करा सके। गड़बड़ी की आशंका जताते हुए किसानों ने उपनिदेशक कृषि से इसकी शिकायत दर्ज कराई है। कृषि उपकरणों पर सरकार की ओर से भारी-भरकम छूट दी जाती है लेकिन, इसके लिए पहले यूपी एग्रीकल्चर डॉटकॉम पर पंजीकरण करना होता है। इन दिनों कीटनाशक छिड़काव में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर किसानों को वितरित किए जाने हैं। टिड्डियों के बढ़ते आतंक को देखते हुए इसकी काफी मांग है। पचास हजार का उपकरण पर सरकार 28 हजार रुपये का अनुदान दे रही है। झांसी में 15 किसानों को यह दिया जाना है। इसके पंजीकरण के लिए शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पोर्टल खुला लेकिन, किसानों के मुताबिक महज पंद्रह मिनट के भीतर ही पोर्टल बंद कर दिया गया। पोर्टल बंद होते ही किसान मायूस हो गए। तमाम किसान डीडी कृषि कमल कटियार के पास पहुंच गए। किसानों ने निदेशालय स्तर से गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कई योजनाओं में सीधे निदेशालय से ही किसानों को चुन लिया जाता है। मोबाइल पर ओटीपी भी नहीं मंगाया जाता है। सफल एफपीओ निदेशक अमित पांडेय का कहना है तमाम किसान अपना पंजीकरण ही नहीं करा सके। उन्होंने व्यवस्था को पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत बताई। 0000000000 किसानों से कई शिकायतें मिली हैं लेकिन पोर्टल का संचालन निदेशालय स्तर से ही होता है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता करके उनको अवगत कराया जाएगा। कमल कटियार उपनिदेशक कृषि