झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में अमर उजाला काव्य के सहयोग से चल रहे बुंदेलखंड साहित्य महोत्सव का रविवार को सर्वेश अस्थाना के हास्य व्यंग के साथ समापन हो गया। ओपन माइक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुस्तक मेले में छात्रों ने बाल साहित्य में रुचि दिखाई।
अटाई हॉल में थिएटर व संगती, सिनेमा का बदलता मिजाज, पॉडकास्ट, राइफल की संवेदना, सिनेमा में रोजगार डिजिटल पत्रकारिता और सच्ची-झूठी सूचना का संसार, साहित्य और संस्कृति उद्भव आधुनिकता तक कार्यक्रम हुआ। मड़ा हॉल में बाल साहित्य विमर्श, कहानियों के बदलते परिवेश, संपादकों की कथा दृष्टि, सुख की तलाश में उलझता मन और हिंदी के विस्तार में युवाओं की भूमिका कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में पत्रकार सईद अंसारी और धीरेंद्र राय ने डिजिटल पत्रकारिता और सच्ची झूठी सूचना का संसार विषय पर अपनी बात रखी। कहा कि डिजिटल पत्रकारिता में संपादकीय सामग्री इंटरनेट के जरिए वितरित की जाती है। इसके गठन पर विद्वानों द्वारा बहस की जाती है। आजकल झूठी खबरों का ज्यादा चलन है और ये अधिक तेजी से प्रसारित होती हैं। हमें ऐसी खबरों को फैलने से रोकना चाहिए। किसी भी खबर को शेयर करने से पहले देख लें कि वो सही है या नहीं। कार्यक्रम में पुस्तक मेले का भी आयोजन हुआ। इसमें देशभर से 15 से अधिक प्रकाश आए। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। इस दौरान चंद्रप्रताप सिंह, डॉ. बृजेश दीक्षित, दीपक प्रजापति, अनमोल दुबे, ज्योति वर्मा, प्रवीण अग्रहरि, प्रज्ञा मौजूद रहीं।