रानी लक्ष्मीबाई केद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जियोें को खराब होने से बचाने के लिए किसानों को सलाह दी। विवि के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. एसएस सिंह और वैज्ञानिक डॉ. घनश्याम अबरोल, डॉ. अमित कुमार, डॉ. अजय पांडेय ने बताया कि कोरोना के दौर में किसान उपज को बेच नहीं पा रहे हैं। ऐसे में किसानों को शीतकक्ष का इस्तेमाल करना चाहिए। गर्मियों में फ ल-सब्जियां बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। किसानों के पास भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं होती है, इसलिए ऐसे समय में जीरो एनर्जी कूल चैबंर सबसे सस्ता उपाय है। किसान इसे अपने घर में स्वयं ही बना सकते हैं। यह एक दोहरे ईंट-दीवार की संरचना है, जिसके रिक्त स्थान को रेत से भरा जाता है। इसका निर्माण बहुत ही सरल है। यह 10 से15 प्रतिशत तक तापमान कम कर सकते हैं। जो फ ल और सब्जियों को अधिकतम समय तक ताजा बनाये रखने में सक्षम है। इसके निर्माण में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड 100 प्रतिशत अनुदान देता है। शोध में पाया गया है कि शीतकक्ष केले को 20 दिन, किन्नौ को 60 दिन, भिंडी को छह दिन, गाजर को 12 दिन, आलू को 97 दिन और गोभी को 12 दिन तक संरक्षित रख सकते हैं।